माघी पूर्णिमा के एक दिन पहले रविवार को गंगा का जलस्तर आठ सेंटीमीटर कम हो गया। हालांकि संभावना जताई जा रही है कि दूसरे जिलों में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश का असर संगम पर कभी भी दिख सकता है। वैसे जलस्तर कम होने से सिंचाई विभाग के साथ पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने भी राहत की सांस ली है। दूसरी ओर जलस्तर में कमी से गंगा में बीओडी की मात्रा बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।
पिछले दो दिनों से गंगा से लगे जिलों में रुक-रुक कर हो रही बरसात के कारण महाकुंभ मेले की व्यवस्था में लगे अफसरों की चिंता बढ़ गई थी। हालांकि 15 से 17 फरवरी तक हुई बारिश और उससे मेला क्षेत्र में हुई बर्बादी से सबक लेते हुए पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग ने आगे बारिश और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में उससे निपटने की तैयारी कर रखी थी लेकिन शनिवार के मुकाबले रविवार को गंगा के जलस्तर में आठ सेंटीमीटर की कमी होने से अफसरों की चिंता थोड़ी कम हो गई है।
रविवार को गंगा का जलस्तर 76.92 मीटर दर्ज किया गया। वैसे माना जा रहा है कि अगले 24 घंटे में जलस्तर में आधा मीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
सिंचाई विभाग के अफसरों का दावा है कि जलस्तर बढ़ने पर कटान की स्थिति उत्पन्न होती है तो उससे निपटने के लिए तैयारी पूरी है, जबकि पीडब्ल्यूडी के अफसरों के मुताबिक कटान से पांटून पुल प्रभावित न हो, इसके लिए बोरियों में बालू भरकर रखी गई हैं, जरूरत के हिसाब से इनका इस्तेमाल किया जाएगा।