इलाहाबाद। सिविल लाइंस में मिठाई एवं बेकरी की दुकान टोपनदास के कारखाने में व्यापक पैमाने पर मिली गड़बड़ी के बाद अब सीज किए कारखाने से रातों-रात मिठाइयां और तमाम खाद्य सामग्री गायब करने का मामला सामने आया। सोमवार सुबह खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अफसरों को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने मौके पर फिर से छापा मारा। उस वक्त कारखाने में सफाई कराई जा रही थी। छापा पड़ते ही कुछ व्यापारी नेता मौके पर पहुंच गए और प्रशासनिक टीम से उलझ पड़े लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। तमाम सड़ी-गली खाद्य सामग्रियां नष्ट करा दी गईं। कारखाने का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश भी कर दी गई है।
कारखाने में नौ नवंबर को मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरिमोहन श्रीवास्तव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज और मंडलीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित मौके पर जांच करने गए थे जबकि सिटी मजिस्ट्रेट ने कार्रवाई के लिए जो टीम गठित की थी, उसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज, योगेश्वर राय और लालजीत यादव को शामिल किया गया था। 10 नवंबर को लालजीत यादव भी मौके पर गए और वहां बड़े पैमाने पर गंदगी, फंगस लगे बर्गर, सैंडविज, आलू की टिकिया, रसगुल्ले और खराब हालत में पड़ी कई कुंतल मिठाइयां देखीं तो कारखाने को सीज कर दिया। विभागीय सूत्रों ने बताया कि 11 नवंबर को मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने वहां अमित और पंकज को उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया। आदेश पर दोनों मौके पर भी गए लेकिन टीम के तीसरे सदस्य लालजीत यादव को इस कार्रवाई में शामिल नहीं किया गया। 12 नवंबर को सुबह लालजीत को सूचना मिली कि रात में कारखाने की सील तोड़कर वहां रखी कई कुंतल मिठाइयां गायब कर दी गई हैं और साफ-सफाई कराई जा रही है। लालजीत यादव मौके पर पहुंचे तो उनकी आंखें खुली रह गईं। सूचना सही थी। मौके पर सफाई कराई जा रही थी और मिठाइयां गायब थीं। इसी बीच व्यापारी नेता विजय गुप्ता मौके पर पहुंच गए और लालजीत से उलझ पड़े। नौबत मारपीट तक पहुंच गई लेकिन लालजीत ने खराब हालत में पड़ी तमाम खाद्य सामग्रियां नष्ट करा दीं। साथ ही कारखाने का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश कर दी। विभागीय सूत्रों के अनुसार कारखाने पर लगी सील तोड़ने और वहां से मिठाइयां गायब कराने में विभाग के ही कुछ लोगों ने मदद की है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने शुरू कराई जांच
0 खाद्य सुरक्षा अधिकारी लालजीत यादव ने सील टूटने और कारखाने से मिठाइयां गायब किए जाने की सूचना सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार को भी दे दी है। लालजीत यादव ने भी इस मामले में विभागीय मिलीभगत की आशंका व्यक्त की है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि लालजीत ने उनसे शिकायत की है। जांच कराई जा रही है। अगर कोई दोषी पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।