इलाहाबाद। रविवार को धनतेरस पर बाजार में खूब लक्ष्मी बरसीं। महंगाई को पीछे छोड़कर लोगों ने जमकर खरीदारी की। ज्वैलरी शॉप में इस कदर भीड़ थी जैसे सब मुफ्त में मिल रहा हो। सिविल लाइंस, कटरा, चौक, अल्लापुर, तेलियरगंज समेत सभी प्रमुख बाजारों और मोहल्लों में स्थित दुकानों में दोपहर से ही लोग उमड़े पड़े थे। यही हाल वाहनों का रहा। दुपहिया वाहन के शोरूमों में खरीदारी की ऐसी भीड़ थी कि मानो किसी मेले का टिकट बंट रहा हो। दुपहिया के साथ चारपहिया के खरीदार भी खूब रहे। छोटे से शहर में महज एक दिन में 47 करोड़ रुपए से अधिक की केवल गाड़ियां बिकीं। ताज्जुब यह कि कुछ दिनों पहले तक महंगाई के नाम पर हो हल्ला हो रहा था लेकिन धनतेरस पर बाजार में जिस कदर भीड़ जुटी, उससे नहीं लगा कि बड़े पैमाने पर लोग महंगाई से परेशान हैं। बाजार के जानकारों की मानें तो केवल रविवार को 12 घंटे में लगभग 63 करोड़ के सोने-चांदी और हीरे के गहने बिके। इलेक्ट्रानिक्स उपकरण, बर्तन, फर्नीचर, कपड़ों के शोरूम ग्राहकों से खचाखच भरे रहे। लोगों ने जमकर खरीदारी की। रविवार होने के कारण लोग सुबह से ही शोरूमों पर पहुंचने लगे।
36.50 करोड़ की बिक गए चारपहिया वाहन
धनतेरस पर वाहन के शौकीनों का शोरूमों पर जमघट लगा रहा। लोगों को मनपसंद गाड़ी लेनी थी सो बुकिंग पहले से करा ली। इस दौरान होंडा सिटी, टोयटा, मारुति, फोर्ड, महेंद्रा, टाटा, शेवरले, हुंडई और वोक्स वैगन कंपनियों की 650 से अधिक गाड़ियों की डिलेवरी धनतेरस पर हुई। अकेले कार बाजार से तकरीबन 36.50 करोड़ रुपये आए। सबसे ज्यादा पसंद की गई मारुति की ऑल्टो 800 और वैगनआर, फोर्ड की फीगो, हुंडई की आई-10 और आई-20 तथा शेवरले की बीट डीजल, टवेरा भी काफी लोगों ने खरीदी।
10.50 करोड़ की बिकी बाइक
दुपहिया वाहनों के लिए शोरूम पर सुबह से लोग पहुंच गए। हीरो, बजाज, होंडा, टीवीएस के शोरूमों पर भीड़ ज्यादा रही। इसके अलावा एनफिल्ड, बैटरी वाली गाड़ियां की खूब बिकीं। एक अनुमान के मुताबिक धनतेरस पर तकरीबन 1850 दोपहिया वाहन बिके। इससे दुपहिया बाजार को करीब 10.50 करोड़ की आय हुई। दुपहिया वाहनों में हीरो और बजाज कंपनियों की गाड़ियां ज्यादा पसंद की गईं। शाम तक इनके शोरूमों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। कई शोरूम तो ऐसे रहे जिसमें शाम तक एक भी दुपहिया नहीं बची। ग्राहक पैसा लिए खड़े रहे लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
63 करोड़ का बिका सोना-चांदी, हीरा
धनतेरस पर ज्वैलरी बाजार में भीड़ उम्मीद से कई गुना ज्यादा रही। सोने की ज्वैलरी, सिक्के, चांदी के बर्तन और हीरे के सेट खरीदने के लिए ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह रहा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एक दिन में लगभग 40 करोड़ रुपए का केवल सोना ही बिका। यानी धनतेरस पर शहरवासियों ने सवा क्विंटन सोने के गहनों और सिक्कों की खरीदारी की। इसी तरह करीब आठ करोड़ रुपए के हीरों के गहने और 15 करोड़ रूपए के आसपास चांदी के बर्तन, सिक्के और ज्वैलरी बिकी।
10 करोड़ के बर्तन बिके
धनतेरस पर बर्तन खरीदा शुभ माना जाता है सो इस मौके पर हर व्यक्ति कोई न कोई सामान खरीदना चाहता है। किसी ने स्टील तो किसी ने पीतल, तांबें के बर्तन खरीदे। ठठेरी बाजार में बर्तन खरीदने को इस कदर भीड़ रही कि सड़क पर भी पैर रखने को जगह नहीं रही। धनतेरस पर तकरीबन 10 करोड़ रुपए के बर्तनों की बिक्री हुई।
8.50 करोड़ के बिक गए इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद
धनतेरस पर इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों की खूब बिक्री हुई। टीवी, फ्रिज, लैपटॉप, कंप्यूटर, एलईडी टीवी, मोबाइल, डीवीडी, वाशिंग मशीन, माइक्रोवेव, म्यूजिक सिस्टम, कैमरा आदि खरीदने के लिए चौक, सिविल लाइंस, कटरा, अल्लापुर, तेलियरगंज, मीरापुर, करेली आदि में शोरूमों पर पूरे दिन ग्राहक जुटे रहे। एक अनुमान के मुताबिक धनतेरस पर तकरीबन 8.50 करोड़ रुपए के इलेक्ट्रानिक्स उपकरण बिके। इसमें से अकेले तकरीबन 1.50 करोड़ रुपए के मोबाइल बिके।
5 करोड़ के फर्नीचर घरों में पहुंचे
धनतेरस पर फर्नीचर भी जमकर बिके। सोफा सेट, डाइनिंग टेबल, सेंटर टेबल, बेड, आलमारी, कुर्सी आदि के लिए सिविल लाइंस, हटिया, चौक सहित अन्य बाजारों के शोरूम में खरीदार जुटे रहे। जानकारों के मुताबिक धनतेरस पर तकरीबन पांच करोड़ रुपए के फर्नीचरों की बिक्री हुई।
3 करोड़ के खरीदे कपड़े
दीपावली पर पूजा के वक्त नए कपड़े पहनने का रिवाज है सो कपड़े के शोरूम भी रविवार को ग्राहकों से पटे रहे। महिलाओं ने साड़ी, सूट पसंद की तो पुरुषों और युवाओं ने कुर्ता-पायजामा, जींस, ट्राउजर, शर्ट को तरजीह दी। बच्चों के लिए भी आकर्षक कपड़े खरीदे गए। धनतेरस पर तकरीबन तीन करोड़ रुपए के कपड़े बिक गए।