कुंभ मेले की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए इस बार जिले के सात इंट्री प्वाइंटों के आसपास कुल 95 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। यह वह सात इंट्री प्वाइंट हैं जिनसे दूसरे जिलों के श्रद्धालु प्रवेश करेंगे। पार्किंग स्थलों से श्रद्धालु शटल बसों व ई रिक्शा से शहर तक आएंगे।
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जिले में जिन सात मार्गों से आवागमन होता है उनमें जौनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, रीवा-चित्रकूट, कानपुर, लखनऊ व प्रतापगढ़-अयोध्या मार्ग शामिल हैं। मेले में आने वाले श्रद्धलु इन्हीं मार्गों से होकर जिले में प्रवेश करेंगे। सभी मार्गों पर भारी व हल्के वाहनों के प्रवेश के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। मेला पुलिस का दावा है कि इनमें से 70 फीसदी पार्किंग स्थल ऐसे हैं जिनसे स्नान घाटों की दूरी एक से पांच किमी के भीतर है। 30 प्रतिशत पार्किंग स्थल ऐसे हैं जिनकी दूरी संगम क्षेत्र से पांच किमी से ज्यादा है।
हालांकि इन पार्किंगों का उपयोग तभी किया जाएगा जब पास स्थित पार्किंग स्थलों में जगह नहीं रह जाएगी। श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए पार्किंग स्थलों से शटल बसों व ई रिक्शा संचालित किए जा रहे हैं जिनके जरिए वह संगम क्षेत्र के करीब पहुंच सकेंगे। कुल पार्किंग में से 18 सैटेलाइट पार्किंग होंगी जिनमें अमानती घर, वेंडिंग जोन, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था, साइनेज, एलईडी व टीवी स्क्रीन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम होगा।