सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा भी एसटीएफ की निगरानी में
0 टीईटी में एसटीएफ ने इलाहाबाद, लखनऊ, सहारनपुर समेत कई जिलों में पकड़ी थी गड़बड़ी
इलाहाबाद। सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 में किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए सरकार हर संभव कदम उठाने की तैयारी कर रही है। ऐसे में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से सबक लेते हुए शिक्षक भर्ती के लिए लिखित परीक्षा एसटीएफ की निगरानी में कराने की योजना बनाई जा रही है। एसटीएफ ने टीईटी के दौरान इलाहाबाद, लखनऊ समेत कई जिलों में अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे दूसरे लोगों को तथा इलेक्ट्रानिक डिवाइस के साथ कुछ अभ्यर्थियों को पकड़ा था। ऐसे में भर्ती परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
परिषदीय विद्यालयों में 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए परीक्षा 12 मार्च को होनी है, जिसमें तकरीबन दस लाख आवेदन आने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से 15 अक्तूबर 2017 को टीईटी हुई थी। इसमें कुल नौ लाख 97 हजार 760 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने इलाहाबाद एवं बागपत में तीन-तीन, लखनऊ एवं सहारनपुर में एक-एक व्यक्ति को दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते गिरफ्तार किया था। इसी तरह भदोही में इलेक्ट्रानिक डिवाइस, गौतमबुद्ध नगर में मोबाइल के साथ एक-एक अभ्यर्थी पकड़े गए थे। कई अन्य जिलों में भी गड़बड़ी पकड़ी गई थी।
ऐसे में शासन से लेकर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय तक सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में किसी भी तरह की चुक नहीं होने देना चाहता। शासन ने जनपदों में शांतिपूर्ण और शुचिता के साथ परीक्षा कराने की जिम्मेदारी डीएम को सौंपी है। इसके साथ परीक्षा केंद्रों पर किसी तरह की गड़बड़ी न हो, सो एसटीएफ को भी लगाने की योजना पर विचार चल रहा है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के अफसरों के मुताबिक परीक्षा शासन के दिशा-निर्देश के तहत कराई जाएगी। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।