फ्लाईओवर पर जोर, कसे अफसरों के पेच
- नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने जल निगम के अफसरों को फटकारा
- अर्द्ध कुंभ के स्वीकृत कार्यों का अक्तूबर में करेंगे स्थलीय निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
अर्द्ध कुंभ के लिए स्वीकृत कार्यों को समय से पूरा न करने वाले अफसरों की अब खैर नहीं। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने शुक्रवार को लापरवाह अफसरों के पेच कसे और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। फ्लाईओवर और सड़क निर्माण, बिजली-पानी के काम गुणवत्तापूर्वक हो रहे हैं या नहीं, इसकी थर्ड पार्टी जांच करेगी। अक्तूबर में किसी भी समय उन्होंने स्थलीय निरीक्षण करने की बात कही है।
सर्किट हाउस में अर्द्ध कुंभ के कार्यों की समीक्षा बैठक में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के साथ स्टांप और नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी भी रहे। पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, पावर कारपोरेशन, सेतु निगम, जल निगम, पुलिस, मेला-जिला प्रशासन, स्वास्थ्य समेत अन्य विभागों के अफसर भी मौजूद रहे। कमिश्नर डॉ. आशीष गोयल, डीएम संजय कुमार ने अर्द्ध कुंभ मेले के लिए कराए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। मंत्री ने बिंदुवार सभी विभागों की समीक्षा करते हुए प्रगति के बारे में जानकारी ली। कहा कि पहले चरण के सभी कार्य सितंबर 2018 में पूरे कर लिए जाएं। धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद टेंडर न कराए जाने पर जल निगम के अफसरों को फटकार लगाते हुए तुरंत प्रक्रिया शुरू कराने का निर्देश दिया।
अर्द्ध कुं भ के कार्यों का बनेगा थ्री डी मॉडल
नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने अफसरों को निर्देशित किया कि अर्द्ध कुंभ के कार्यों का थ्री डी मॉडल तैयार कराया जाए। इसमें प्रोजेक्ट के मुताबिक कार्य दर्शाएं जाएं। प्रगति आख्या भी दर्ज की जाए। हर दो महीने में होने वाली नियमित समीक्षा बैठक में कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शो पीस बनी पानी की टंकियों की कराएं सफाई, परीक्षण
निवर्तमान महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने शहर में एसआरएन अस्पताल, बशीर पार्क अतरसुइया और आजाद नगर में कई वर्ष पहले बनाई गई पानी की टंकियों के शुरू न होने पर जनता को होने वाली परेशानी से नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना को अवगत कराया। बताया कि जिन मोहल्लों में प्रयोग के तौर पर इन टंकियों से पेयजल आपूर्ति की गई, वहां पानी के साथ नलों से कीड़े निकल रहे हैं। मंत्री ने विभागीय अफसरों को निर्देश दिया कि एक हफ्ते के भीतर करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकियों की सफाई कराकर परीक्षण करें, फिर जलापूर्ति शुरू कर अवगत कराएं।