मुक्त विवि में बीएड प्रवेश परीक्षा आज
इलाहाबाद समेत पांच जिलों में परीक्षा, चार हजार अभ्यर्थी होंगे शामिल
विश्वविद्यालय के सरस्वती परिसर परीक्षा केंद्र को बनाया गया मॉडल केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की बीएड, बीएड (विशिष्ट शिक्षा) प्रवेश परीक्षा 2017-18 प्रदेश के पांच जिलों में 31 अगस्त को आयोजित की जाएगी। इसके लिए विवि प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। परीक्षा नियंत्रक डॉ.जीके द्विवेदी ने बताया कि परीक्षा में तकरीबन चार हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। इलाहाबाद में विवि के सरस्वती परिसर को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसे मॉडल केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसमें लगभग नौ सौ अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में होगी।
उन्होंने बताया कि वाराणसी में सुधाकर महिला पीजी कॉलेज, मेरठ में इस्माइल महिला नेशनल पीजी कॉलेज, लखनऊ में महावीर प्रसाद महिला पीजी कॉलेज तथा गोरखपुर में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विवि में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। पहली पाली में सुबह 9 से 12 तथा दूसरी पाली में दिन में दो से पांच बजे के बीच परीक्षा होगी। इस बीच कुलपति प्रो.एमपी दुबे ने तैयारी का जायजा लिया।
00
पीजी प्रवेश के लिए अब हाईकोर्ट जाएंगे छात्र
0 राज्य विवि में स्नातक के तीन वर्ष से अधिक अंतराल वाले विद्यार्थियों को प्रवेश न देने का मामला
इलाहाबाद। राज्य विश्वविद्यालय में स्नातक के तीन वर्ष से अधिक अंतराल वाले छात्र-छात्राओं का स्नातकोत्तर में प्रवेश निरस्त होने के बाद अब ये विद्यार्थी हाईकोर्ट में गुहार लगाने जा रहे हैं। इन छात्र-छात्राओं ने बुधवार को भी विवि के कुलपति से मुलाकात की लेकिन उन्होंने प्रवेश समिति की बैठक में हुए निर्णय का हवाला देते हुए प्रवेश लेने से इंकार कर दिया।
छात्रों का कहना है कि प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू होने के दौरान ऐसी कोई सूचना सामने नहीं आई। आवेदन पत्र भरने के बाद प्रवेश परीक्षा दी। सफल होने के बाद विवि में काउंसलिंग भी हो गई। तब तक तीन वर्ष से अधिक अंतराल को लेकर किसी तरह कोई शर्त सामने नहीं आई लेकिन डीडी बनवाने के बाद जब विवि में प्रवेश लेने पहुंचे तो कहा गया कि तीन वर्ष से अधिक अंतराल वालों का प्रवेश नहीं लिया जाएगा। छात्रों का कहना है कि प्रवेश के दौरान ही इस बारे में सूचना देनी चाहिए थी। छात्र अगले एक-दो दिन में इस मामले में हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं।
00
संपूर्ण मानवता का प्रतिनिधित्व करता है उपनिषद
पंडित गंगानाथ झा पीठ संस्कृत विभाग इविवि के तत्वावधान में हुई विचार गोष्ठी में बोले वक्ता
इलाहाबाद। पंडित गंगानाथ झा पीठ संस्कृत विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तत्वावधान में बुधवार को ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उपनिषदों की प्रासंगिकता’ विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। पुस्तकालय सभागार में हुई गोष्ठी में विषय प्रवर्तन करते हुए पीठ के प्रभारी प्रो.उमाकांत यादव ने कहा कि उपनिषद संपूर्ण मानवता का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनमें प्रवृति एवं निवृत्ति का समन्वय है। धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष चारों पुरुष की क्रमिक प्राप्ति का निर्देश उपनिषदों में अंतनिर्हित है।
मुख्य वक्ता प्रो.सुचित्रा मित्रा ने कहा कि उपनिषद ज्ञान वेदों का सरलीकृत एवं व्यवस्थित स्वरूप है। वैदिक वाड्मय के चिंतन की प्रस्तुति उपनिषदों में है। आत्म कल्याण एवं विश्वशांति के लिए उपनिषदों का अध्ययन एवं अनुकरण आवश्यक है। उपनिषद सद्कर्म करते हुए सौ वर्ष तक जीवन जीने की कला सिखाती है। अध्यक्षता कर रहे विभागाध्यक्ष प्रो. केके श्रीवास्तव ने कहा कि उपनिषद में वैदिक ज्ञान का चरमोत्कर्ष है, जिसके द्वारा मानव आत्म कल्याण कर सकता है। औपनिषदिक ज्ञान शाश्वत है, सदैव उसकी प्रासंगिकता बनी रहेगी। इसमें शोधार्थी राघवेंद्र पांडेय, सुजीत कुमार, रवि चौरसिया, प्रभात कुमार, वर्तिका मिश्रा, ज्योति, खुशबू शुक्ला, पूनम यादव, अर्चना वर्मा, निधि यादव ने भी विचार व्यक्त किए। दिव्या शुक्ला ने ईश वंदना प्रस्तुत की। संचालन अतिथि प्रवक्ता संदीप कुमार यादव एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ.दीप्ति विष्णु ने किया।