फॉर्म-3बी भरने में देरी पर दो सौ रुपये प्रतिदिन जुर्माना
जीएसटी में रिटर्न दाखिल करने वाले व्यापारियों की बढ़ी मुसीबत
सौ रुपये सीजीएसटी, सौ रुपये एसजीएसटी के रूप में लग रही पेनाल्टी
सरकार ने दिया था किसी भी तरह का जुर्माना न लगाने का आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
जीएसटी की समस्याओं में उलझे व्यापारियों पर अब जुर्माने की भी कार्रवाई शुरू हो गई है। इन दिनों व्यापारी फॉर्म-3बी के जरिए ऑनलाइन रिटर्न दाखिल कर रहे हैं, लेकिन मंगलवार से रिटर्न दाखिल करने वाले व्यापारियों से 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जा रहा है। जिसमें सौ रुपये सीजीएसटी एवं सौ रुपये एसजीएसटी के रूप में लिया जा रहा है। देरी के नाम पर लिए जा रहे इस जुर्माने से व्यापारियों से नाराजगी है, क्योंकि प्रदेश सरकार से लेकर राज्य वस्तु एवं सेवा कर (वाणिज्य कर) विभाग के कमिश्नर तक कई मौकों पर कह चुके हैं कि व्यापारियों से किसी तरह का जुर्माना अभी नहीं लिया जाएगा। जीएसटी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हैं। ऐसे में जुर्माना क्यों लग रहा है, यह विभाग के अफसर भी बताने में असमर्थ हैं।
जीएसटीआर आने में देरी के कारण सरकार ने व्यापारियों के अगस्त के रिटर्न दाखिल करने के लिए फॉर्म-3बी की व्यवस्था की। इस फॉर्म के जरिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 25 अगस्त थी। जीएसटी पोर्टल पर 28 अगस्त तक फॉर्म-3बी भरने वाले व्यापारियों पर किसी तरह का जुर्माना नहीं लगाया लेकिन 29 अगस्त को जिन व्यापारियों ने रिटर्न दाखिल करने के लिए फॉर्म-3बी खोला, उनके कंप्यूटर स्क्रीन पर पेनाल्टी भरने का मैसेज आ गया। पेनाल्टी के लिए पोर्टल पर ई-चालान भी शो कर रहा है। प्रतिदिन दो सौ रुपये के हिसाब से पेनाल्टी का मैसेज आने से व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा का कहना है कि पहले प्रदेश सरकार ने कहा कि जीएसटी नई व्यवस्था होने के कारण व्यापारियों पर अभी किसी तरह का जुर्माना नहीं लगेगा। इसके बाद कमिश्नर ने भी यही बात दोहराई। पिछले दिनों इलाहाबाद में भी कमिश्नर ने कहा था कि व्यापारियों पर जुर्माना नहीं लगेगा लेकिन अब अचानक जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। यह व्यापारियों के साथ धोखा है। उनका कहना है कि जब एक से पांच सितंबर के बीच में जीएसटीआर भर जाना है तो बीच में पेनाल्टी लगाने का कोई औचित्य नहीं है।