अधिवक्ताओं के आश्रितों को दिया जाय बीस लाख रुपये
बार काउंसिल के आह्वान पर वकीलों ने निकाला जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। बार काउंसिल ऑफ उप्र के आह्वान पर मंगलवार को अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों के रिटायर होने के बाद उपक्रम, आयोग, कमीशन में नियुक्त न किया जाय। अधिवक्ताओं के आश्रितों को 20 लाख रुपये अहेतुक सहायता और साठ साल की उम्र पार करने वाले वकीलों को दस हजार रुपये मासिक मानदेय भुगतान किया जाय।
मंगलवार को बार काउंसिल के आह्वान पर वकीलों ने दूसरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहकर अपनी मांगों को दमदारी से रखा। अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाला और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौराहा, ट्रेजरी चौराहा से होते हुए जुलूस जिला जज से मिलकर ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं की मांग है कि साठ साल की उम्र पूरी करने वालों को दस हजार रुपये मासिक वेतन और ब्याज मुक्त होम लोन, लाइब्रेरी लोन तथा वाहन लोन प्रदान किया जाय। इस मौके पर उमाशंकर सिंह, कमलेश शुक्ल, राम प्रसाद तिवारी, नागेंद्र शुक्ल, लीलाधर दुबे, शेष बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
कुंडा(ब्यूरो)। बार काउंसिल के आहवान पर दि बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार रामजनम को सौंपा। इसमें अधिवक्ताओं ने कहा है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं को 60 वर्ष के बाद पेंशन योजना लागू की जाए। जूनियर अधिवक्ताओं को पांच वर्ष तक मानदेय के रूप में 10 हजार रुपये दिए जाएं, अधिवक्ताओं की नि:शुल्क चिकित्सा व्यवस्था और आकस्मिक मृत्यु पर एक लाख रुपये की सहायता दी जाए। इसके साथ ही अधिवक्ताओं को सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस, अधिवक्ता किसान को किसान सम्मान धन योजना में शामिल किया जाए और अधिवक्ताओं को बैठने के लिए तहसील स्तर पर चेंबर व्यवस्था की जाए। इस दौरान अध्यक्ष तीर्थराज मिश्र, महामंत्री रमाकांत त्रिपाठी, सुनील कुमार त्रिपाठी, हरिओम मिश्र, कुलदीप पांडेय, सोमनाथ, संजय कुमार पांडेय, मोनू ओझा, कुलदीप सिंह यादव, रमाकांत तिवारी, गंगाधर द्विवेदी, अशोक कुमार पांडेय, शीतला प्रसाद केसरवानी, केके सिंह, प्रिंस मिश्रा, विपिन शुक्ला, मुकेश कुमार, अतुल पांडेय आदि मौजूद रहे।