विवाद के बीच इविवि को मिले 14 शिक्षक
0 तीन विषयों में शिक्षक भर्ती का परिणाम जारी
0 कार्य परिषद की बैठक में खुला लिफाफा
0 असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पांच पदों पर भी भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। आरक्षण रोस्टर के विवाद के बीच बृहस्पतिवार को हुई इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की कार्य परिषद की बैठक में तीन विषयों में शिक्षक भर्ती का लिफाफा खोला गया। बैठक में सेंटर ऑफ वूमेंस स्टडीज, रूरल टेक्नोलॉजी एंड डेवलपमेंट और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियनिंग में असिस्टेंट प्रोफेसर के 13 और एसोसिएट प्रोफेसर के एक पद पर भर्ती पर परिषद ने अंतिम मुहर लगाई। इसके अलावा असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पांच पदों पर हुई भर्ती पर भी कार्य परिषद ने मुहर लगा दी।
हालांकि, अब सवाल उठ रहे हैं कि बृहस्पतिवार को जब यूजीसी ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया रोकने का निर्देश जारी किया तो उसी दिन इविवि की कार्य परिषद ने किस आधार पर तीन विषयों में शिक्षक भर्ती को अंतिम मंजूरी दी? क्या परिषद की बैठक से पहले ही शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया को पूरा मान लिया गया था? इविवि के पीआरओ प्रो. हर्ष कुमार का कहना है कि इन तीन विषयों में चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। इंटरव्यू की प्रक्रिया के बाद अभ्यर्थियों का चयन कर लिफाफा बंद कर दिया गया था। कार्य परिषद की बैठक में लिफाफा खोला गया और चयनितों के नाम सार्वजनिक कर दिए गए।
रूरल टेक्नोलॉजी एंड डेवलपमेंट में शशिकांत शुक्ला, अर्पणा पांडेय, गुरपिंदर कुमार, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में रिचा मिश्रा, पूजा, महेंद्र तिवारी, सुधांशु कुमार झा, शिव प्रकाश, वंदना राठौर, विनोद कुमार, सुधाकर सिंह, प्रवीन कुमार एवं राजेश कुमार का असिस्टेंट प्रोफेसर और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में सुधाकर पांडेय का एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर चयन हुआ है। इसी विषय में प्रोफेसर पद के लिए योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण पद रिक्त रह गया।
इसके अलावा सुनील कुमार यादव, देवेश कुमार गोस्वामी, केशव किशोर उपाध्याय, अमित कुमार तिवारी एवं आशीष पांडेय का असिस्टेंट रजिस्ट्रार, अजय कुमार सिंह का असिस्टेंट रजिस्ट्रार (लेखा) के पद पर नियुक्ति को अंतिम मंजूरी दी गई, जबकि शक्ति शरण शुक्ला की अनुभाग अधिकारी से असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पद पर हुई प्रोन्नति पर भी परिषद ने मुहर लगा दी। विधि अधिकारी के लिए योग्य अभ्यर्थी न मिलने से पद रिक्त रह गया, मेडिकल अफसर के लिए कोई अभ्यर्थी इंटरव्यू देने नहीं आया और पद खाली रह गया।
विद्यार्थी बताएंगे शिक्षकों की परफॉर्मेंस
इविवि कार्य परिषद की बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि शिक्षकों का फीडबैक विद्यार्थियों से लिया जाएगा। विद्यार्थियों से निर्धारित प्रारूप में फॉर्म भरवाए जाएंगे और इस आधार पर शिक्षकों की परफॉर्मेंस की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा कर्मचारियों के लिए एनुअल परफार्मेंस रिपोर्ट अनिवार्य किए जाने का निर्णय लिया गया और तय हुआ कि इसी रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारियों की प्रोन्नति आदि पर निर्णय लिए जाएंगे।
प्रो. खेत्रपाल के व्यवहार की हुई निंदा
- इविवि कार्य परिषद की बैठक में परिषद के सदस्य प्रो. खेत्रपाल अनुपस्थित थे। लगातार दो बैठकों में न आने, इससे पहले हुई बैठक में कुछ भी न बोलने और बैठक के बाद बाहर जाकर तमाम आरोप लगाए जाने की कार्य परिषद के सदस्यों ने निंदा की।