सरकार ने बाधित की चयन प्रक्रिया
0 टीईटी बेरोजगारों ने आमरण अनशन के लिए जनसंपर्क के दौरान लगाया आरोप
0 बीएड उत्थान जन मोर्चा के नेतृत्व में 21 से शिक्षा निदेशालय पर शुरू होगा अनशन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। बीएड उत्थान जन मोर्चा एवं युवा अधिकार मंच के तत्वावधान में टीईटी बेरोजगारों के 21 अगस्त से शिक्षा निदेशालय पर प्रस्तावित आमरण अनशन की तैयारी ने रफ्तार पकड़ ली है। इसके लिए बृहस्पतिवार को लल्ला चुंगी, सलोरी, छोटा बघाड़ा आदि में जनसंपर्क कर युवाओं से अनशन में शामिल होने की अपील की गई। ये लोग शिक्षा अधिकार अधिनियम एवं एनसीटीई के प्रावधानों का अनुपालन कराने के लिए परिषदीय, माध्यमिक (शासकीय एवं अशासकीय) विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान आदि शिक्षकों के एक लाख से ज्यादा खाली पदों पर तत्काल भर्ती शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
इस दौरान हुई सभाओं में प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह एवं इविवि छात्र नेता राजेश सचान ने कहा कि अगर शिक्षा अधिकार अधिनियम का कड़ाई से अनुपालन किया जाए तो कक्षा एक से आठ तक तीन लाख शिक्षकों की भर्ती करनी होगी। उन्होंने सरकार पर चयन प्रक्रिया बाधित करने का आरोप लगाया। चुनाव के दौरान 90 दिन में सभी खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के वादे पर और युवाओं के हित के प्रति गंभीर है तो तत्काल भर्ती शुरू कर देनी चाहिए। कहा कि 90 दिन के वादे पर अमल तो दूर, प्रदेश में चयन का सारा कामकाज ही ठप है। आयोग और बोर्ड से परीक्षाओं की तिथि घोषित होने के बाद भी युवा आश्वस्त होकर पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। चयन प्रक्रिया कब से शुरू होगी, शासन यह बताने में अक्षम है।
कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को एलटी ग्रेड के शिक्षक ही पढ़ा रहे जबकि उनकी नियुक्त कक्षा नौ-10 के छात्रों को पढ़ाने के लिए हुई है। उनका पद भी कक्षा नौ-10 के विद्यार्थियों के अनुपात में ही निकाले गए थे। तकरीबन 1990 से ही सीटी ग्रेड की भर्ती पर रोक लगा दिए जाने से इन कक्षाओं में एक लाख से ज्यादा पद खाली हैं लेकिन उसे भरा नहीं गया। अभियान में उमाशंकर सिंह, आलोक सिंह, लाल मुनाई, अमित पांडेय, विनोद सिंह, सिकंदर यादव, अशोक सिंह, राजकुमार, रवि तिवारी आदि शामिल थे।
00