इलाहाबाद (ब्यूरो)। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स की प्राइवेट प्रैक्टिस बंद कराने और कर्मचारियों को न्यूनतम हितलाभ दिए जाने के मामले में शहर के अस्पतालों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी होगी। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। जल्दी ही इन्हें नोटिस जारी की जाएगी। सीएमओ ने इसके पहले भी इन दोनों मामलों के लिए शहर के 37 अस्पतालों को नोटिस जारी की है। कर्मचारियों को न्यूनतम हितलाभ देने के मामले को लेकर उपश्रमायुक्त ने तो दर्जन भर अस्पतालों का निरीक्षण भी किया है।
सीएमओ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स की निजी अस्पतालों में प्राइवेट प्रैक्टिस बंद कराने को लेकर शहर के 18 अस्पतालों और उसमें तैनात पैरामेडिकल स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को वेतन का न्यूनतम हितलाभ देने के मामले में 19 अस्पतालों को नोटिस जारी की है। इसके चलते शहर के अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है।
सीएमओ ने अब प्राइवेट प्रैक्टिस वाले मामले को लेकर शहर के 80 और अस्पतालों को नोटिस जारी करने की तैयारी की है। निजी अस्पतालों को चेतावनी जारी की जा रही है कि वे अपने यहां मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स को प्राइवेट प्रैक्टिस न करने दें। अगर प्राइवेट प्रैक्टिस कराते हुए पाया गया तो उनका रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा सीएमओ ने कमिश्नर के आदेश पर अस्पतालों, क्लीनिक, अल्ट्रासाउंड और पैथालॉजी जांच सेंटर्स पर काम कर रहे कर्मचारियों को न्यूनतम हितलाभ देने के मामले में भी सैकड़ों अस्पतालों, क्लीनिकों को चिह्नित किया है। सीएमओ डॉ. पद्माकर सिंह कहते हैं कि दोनों मामलों को लेकर चिकित्सकीय संस्थानों को नोटिस भेजने की तैयारी कर ली गई है। एक-दो दिन में सभी को नोटिस भेज दी जाएगी।
न्यूनतम हितलाभ देने के मामले को लेकर उपश्रमायुक्त ने अस्पतालों का निरीक्षण कर कर्मचारियों के आरोपों को भी सही पाया है। उन्होंने भी निरीक्षण करने वाले अस्पतालों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के अंदर न्यूनतम हितलाभ दिए जाने का निर्देश दिया है।