00000000000
पुरानी पेंशन मामले में जवाब दाखिल करने की अंतिम मोहलत
0 जवाब दें या अदालत में हाजिर हों मुख्य सचिव
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली के मामले में सरकार को अंतिम अवसर देते हुए दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के कहा है। कोर्ट ने कहा है कि यदि सरकार स्थिति स्पष्ट नहीं करती तो 17 अप्रैल को मुख्य सचिव कोर्ट में हाजिर हों।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने स्वत: प्रेरित जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। राजकीय मुद्रणालय के कर्मचारियों की हड़ताल से काजलिस्ट न छप पाने के चलते न्यायिक कार्य में व्यवधान को देखते हुए कोर्ट ने मामले में संज्ञान लिया था। अदालत की सख्ती को देखते हुए कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी। कर्मचारी नेताओं ने अपनी दो दिन की तनख्वाह पुलवामा पीड़ितों को दिया तो दूसरी तरफ कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि कर्मचारियों की मांग पर विचार क्यों नहीं हो सकता। और बिना कर्मचारियों की सहमति के उनका पैसा सरकार शेयर मार्केट में कैसे लगा सकती है। क्या सरकार न्यूनतम पेंशन देने को तैयार है। साथ ही पूछा था कि यदि नई पेंशन स्कीम अच्छी है तो नेताओं, नौकरशाहों पर क्यों नहीं लागू करते। और क्या कर्मचारियों को संतुष्ट करना राज्य की जिम्मेदारी नहीं है। कोर्ट ने सरकार से सभी मुद्दों पर रुख साफ करने को कहा था । सरकार ने जवाब देने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा था किन्तु कोर्ट ने 17 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है।