सत्तर लाख से अधिक भक्तों
ने संगम में लगाई डुबकी
क्रासर
लाखों श्रद्धालुओं ने डेरा डाला, त्रिवेणी तट पर स्नान के साथ जप-तप-ध्यान का संगम
अमर उजाला ब्यूरो
कुंभनगर। आस्था के सागर में महाशिवरात्रि की डुबकी रविवार की सुबह से ही लगने लगी। घाटों पर भक्तिभाव का संचार देखते बना। एक ओर स्नान और दूसरी ओर पूजा -ध्यान। जगह-जगह सुसज्जित पूजा की डेलिया खुली रहीं। कहीं हल्दी-चंदन के टीके लगते रहे तो कहीं आरती की थाल सजती रही। मेला प्रशासन के मुताबिक देर शम तक 70 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई, वहीं लाखों भक्त संगम की रेती पर डेरा डाले हुए थे।
रात 1.26 बजे लगने वाले महाशिवरात्रि के मुहूर्त का इंतजार किए बिना दूर-दराज के इलाकों से आए श्रद्धालु पावन त्रिवेणी में सुबह से ही डुबकी लगाने लगे। हर हर महादेव और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच संगम नोज पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। संगम पर कहीं भजन होता रहा तो कहीं माथे पर त्रिपुंड लगाए संत-भक्त माला जपने और ध्यान में लीन नजर आए। मनौतियां पूरी होने पर जहां हल्दी-चंदन केटीकेलगते रहे, वहीं कामना पूर्ति के लिए पुरोहितों से संकल्प भी लिया जाता रहा। नावों-स्टीमरों से भी लोग संगम नोज पर पहुंच रहे थे और मध्यधारा में भी स्नान का मेला गुलजार रहा। हर चेहरे पर उत्साह के भाव थे। वीआईपी किला घाट से लेकर संगम तक डुबकी लगाने की होड़ मची रही। डीआईजी कुंभ केपी सिंह ने बताया कि भीड़ को देखते हुए सुरक्षित और सुगम स्नान के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मनकामेश्वर महादेव मंदिर, सोमेश्वर महादेव, नागवासुकि सहित अन्य शिव मंदिरों में भीड़ को देखते पर विशेष फोर्स लगा दी गई है। 450 आरक्षी अलग से तैनात किए गए हैं।
इनसेट
सेक्टर-16, 17 में वाहन खड़े करने की व्यवस्था
कुंभनगर। महाशिवरात्रि पर्व पर झूंसी की ओर से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन सेक्टर-16, 17 में खड़े कर सकते हैं। अखाड़ों की रवानगी के बाद खाली हुए गंगा पार के इस इलाके में दो बड़ी पार्किंग महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए बनाई गई है। डीआईजी ने बताया कि हर कोई संगम पर ही पहुंचना चाहता है। इस आस्था को देखते हुए संगम के नजदीक पार्किंग बनाई गई है, ताकि श्रद्धालु आसानी से त्रिवेणी के तट पर पहुंच सकें।