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न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल बने प्रतिभूमि न्याधिकरण के सदस्य

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न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल प्रतिभूति अधिकरण के सदस्य बने
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0 वित्त मंत्रालय नई दिल्ली ने जारी की अधिसूचना
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश और मेघालय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद से अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल को केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रतिभूति अपीलीय अधिकरण का पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड अधिनियम के तहत की गई है। न्यायमूर्ति अग्रवाल वर्तमान में उत्तर प्रदेश भू. संपदा अपीलीय अधिकरण के अध्यक्ष भी हैं। वह इसके साथ ही केंद्रीय प्रतिभूति अधिकरण का दायित्व संभालेंगे।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1981 में विधि स्नातक की डिग्री हासिल कर इन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत शुरू की और 2004 में हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने। 2009 से 2012 तक उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल के न्यायाधीश और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे। 2012 में इलाहाबाद हाईकोर्ट वापस आ गए। फरवरी 2018 में मेघालय हाईकोर्ट शिलांग के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए और सेवानिवृत्ति के कुछ माह के भीतर ही उनको राज्यपाल रामनाईक ने उप्र भू संपदा अपीलीय अधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया। न्यायमूर्ति अग्रवाल की पत्नी स्मिता अग्रवाल इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। पिता न्यायमूर्ति स्व. सतीश चंद्रा इलाहाबाद और कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे। जस्टिस अग्रवाल के दादा स्व. सीबी अग्रवाल हाईकोर्ट के न्यायाधीश थे। न्यायमूर्ति अग्रवाल ने जज के तौर पर अपने कार्यकाल में एक लाख से अधिक मुकदमों में फैसला सुनाया है।
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