सभी केंद्र - राम जन्मभूमि पर आतंकी हमला मामला
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अजीज की रिहाई को हाईकोर्ट में दी जाएगी चुनौती
0 आतंकियों के वकील भी फैसले के खिलाफ अपील की तैयारी मेें
0 फैसले की नकल के लिए अभियोजन ने कोर्ट में दी अर्जी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। रामजन्म भूमि अयोध्या पर आतंकी हमला करने के एक आरोपी मो. अजीज को सत्र न्यायालय द्वारा बरी करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस संबंध में बयान आने के बाद अभियोजन अपील दाखिल करने की तैयारी में जुट गया है। दूसरी ओर उम्रकैद की सजा पाए चारों आतंकियों के वकीलों ने भी फैसले को चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है। उम्मीद है कि जुलाई में हाईकोर्ट खुलते ही दोनों पक्षों की ओर से अपील दाखिल हो सकती है।
राम जन्मभूमि पर हुए आतंकी हमला मामले में 14 साल बाद मंगलवार को स्पेशल जज एससीएसटी दिनेश चंद ने नैनी जेल परिसर में फैसला सुनाया था। इसमें कोर्ट ने अभियुक्त आसिफ इकबाल उर्फ फार्रुख, मो. नसीम, शकील अहमद और डॉ. इरफान को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि साक्ष्य के अभाव में मो. अजीज को दोषमुक्त कर दिया था। अभियोजन का संचालन कर रहे डीजीसी गुलाब चंद अग्रहरि ने बताया कि कोर्ट द्वारा पारित निर्णय की नकल के लिए आवेदन कर दिया गया है। नकल प्राप्त होने के बाद उसका अवलोकन कर हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। अभियोजन का यह भी कहना है कि कोर्ट ने चाराें अन्य अभियुक्ताें को जिन-जिन धाराओं में दोषमुक्त किया है, उसका भी अध्ययन करने के बाद अपील की जाएगी। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता शमशुल हसन ने बताया है कि चारों अभियुक्तों को सुनाई गई उम्रकैद की सजा के खिलाफ वह हाईकोर्ट में अपील कर चुनौती देंगे।
कचहरी के वकीलों ने फैसले को सराहा
प्रयागराज। अयोध्या प्रकरण में चार आतंकियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के निर्णय का कचहरी के वकीलों ने स्वागत किया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि अदालत का फैसला सराहनीय और स्वागत योग्य है। देश के खिलाफ आतंकी गतिविधियां संचालित करने वालों को सजा दिलाकर अभियोजन ने सराहनीय कार्य किया है। सराहना करने वालों में वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी हरिओंकार सिंह, लालचंदन, राधेकृष्ण मिश्र, एडीजीसी राजेश गुप्ता व अन्य सरकारी वकीलों के अलावा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी शामिल हैं।