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टीजीटी मेथ के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश

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टीजीटी मैथ में चयनितों को नियुक्ति का आदेश
0 संशोधित परिणाम में चयन से बाहर हुए अभ्यर्थी भी नहीं निकाले जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी गणित) के संशोधित परिणाम में सफल हुए याचीगण को नियुक्ति देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि उनके लिए पद न हों तो मैनेजमेंट के कॉलेजों में पद सृजित कर नियुक्ति दी जाए। इनकी नियुक्ति की तिथि मूल परिणाम जारी होने की तिथि से मानी जाएगी मगर इसका लाभ सिर्फ पेंशन में मिलेगा।
इसी क्रम में कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि पूर्व में जारी परिणाम में सफल हुए ऐसे अभ्यर्थी जो संशोधित परिणाम आने के बाद चयन से बाहर हो गए हैं, को भी सेवा से नहीं निकाला जाएगा। अनिल कुमार पटेल और दर्जनों अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने यह आदेश दिया है। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक टीजीटी मैथ के 579 पदों का विज्ञापन 2010 में जारी हुआ था। 28 नवंबर 2011 को परिणाम आने के बाद परीक्षा में पूछे गए कई सवालों को लेकर आपत्ति की गई। कोर्ट के आदेश पर प्रश्नों की जांच विशेषज्ञ समिति से कराई गई। विशेषज्ञ समिति ने आपत्तियों को सही पाया और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने 16 दिसंबर 2014 को परिणाम संशोधित कर दिया।
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संशोधित परिणाम आने पर पूर्व में चयनित और नियुक्ति पा चुके कई अभ्यर्थी चयन से बाहर हो गए। उन्होंने एकलपीठ के निर्णय को खंडपीठ में चुनौती दी। खंडपीठ ने एकल न्यायपीठ का आदेश रद्द करते हुए मामले को नए सिरे से तय करने के लिए वापस भेज दिया। इस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने पूर्व में चयनित और बाद में चयनित अभ्यर्थियोें को नियुक्ति देने का आदेश दिया है।
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