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यमुना एक्सप्रेस वे भूमि आवंटन मामला

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बकाया वसूली के आवंटियों को राहत नहीं
0 यमुना एक्सप्रेस-वे भूमि आवंटन मामला
0 हाईकोर्ट ने दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी द्वारा जारी बकाया वसूली नोटिस के खिलाफ दाखिल याचिका पर याची गौतमबुद्धनगर की शकुंतला एजूकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी को राहत नहीं दी है। कोर्ट ने संस्था को सीईओ के समक्ष विचाराधीन अपनी आपत्ति दो सप्ताह में कोर्ट में हलफनामा के जरिए दाखिल करने के लिए कहा है। सीईओ ने पांच जून 2018 को संस्था और 13 अन्य को 45 करोड़ रुपये का बकाया वसूली नोटिस जारी किया है।
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नोटिस को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई है। इस पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है। याची के अधिवक्ता नवीन सिन्हा का कहना था कि याची ने आवंटित दर से भुगतान किया है, अब अथॉरिटी ने अतिरिक्त धन ब्याज सहित जमा करने के लिए नोटिस जारी किया है। अथॉरिटी के वकील का कहना था कि अथॉरिटी के ही कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से कम दर पर 13 संस्थाओं को जमीन आवंटित की गई। सीईओ ने इसकी जांच कराई तो पता चला कि मार्केट रेट से कम दर पर जमीनें आवंटित कर दी गई हैं। इसके बाद इन संस्थाओं को दी गई जमीनों का मार्केेट रेट से मूल्यंाकन कर ब्याज सहित बकाया राशि जमा करने के लिए कहा गया है। याची ने इसी मामले में सिविल वाद भी दायर किया है, जिस पर 18 जुलाई को सुनवाई होनी है। हाईकोर्ट ने याची को पूरक हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है।
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