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अब नहीं अटकेंगे यात्री सुरक्षा से जुड़े रेलवे के काम

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अब नहीं अटकेंगे यात्री सुरक्षा से जुड़े रेलवे के काम
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एनसीआर महाप्रबंधक को पहली बार सुरक्षा पर खर्च करने का मिला अधिकार
जीएम एनसीआर ने तीनों मंडलों में सेफ्टी से जुड़े कार्यों की फाइलें की तलब

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
यात्री सुरक्षा से जुड़े कार्यों को करने के लिए रेलवे बोर्ड तक का फाइलें चक्कर नहीं काटेंगी। कई दशकों से चली आ रही एक पुरानी परंपरा रेल मंत्री ने खत्म कर दी है। रेलमंत्री ने अब सुरक्षा संबंधी खर्च के लिए उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) इलाहाबाद समेत सभी जोनल महाप्रबंधकों को अधिकार दे दिए हैं। रेलमंत्री द्वारा महाप्रबंधकों को अधिकार दिए जाने के बाद शुक्रवार को एनसीआर मुख्यालय में इलाहाबाद, झांसी, आगरा मंडल में सुरक्षा से जुड़े सभी लंबित प्रोजेक्ट की फाइल खंगाली गई। इस दौरान महाप्रबंधक एमसी चौहान ने अफसरों को निर्देश दिए कि सुरक्षा से संबंधी कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराएं जाए।
बता दें कि रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दो रोज पहले ही सभी जोनल महाप्रबंधकों को सुरक्षा पर खर्च करने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि अगले 18 महीने के लिए सुरक्षा से जुड़े कार्यों पर जीएम मनचाहा खर्च कर सकेंगे। वित्तीय फैसले लेकर महाप्रबंधक को सप्ताह भर में फाइनेंसियल कमिश्नर को रिपोर्ट देनी होगी। जीएम की रिपोर्ट पर फाइनेंसियल कमिश्नर को 15 दिन में अपना पक्ष बताना होगा। अब तक होता ये था कि सुरक्षा संबंधी फाइलें रेलवे बोर्ड में घूमती रहती थी। अब महाप्रबंधक के पास अधिकार आने से फैसला लेने में देरी नहीं होगी। इस वजह से सुरक्षा से जुड़े कार्य तय समय में पूरे हो जाएंगे। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल का कहना है कि महाप्रबंधक को पावर मिलने के बाद अब सेफ्टी से जुड़े कार्य रफ्तार पकड़ेंगे।
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फील्ड वर्क में लगाएं जाएंगे एनसीआर के 200 अफसर
0 रेलमंत्री पीयूष गोयल ने जोनल महाप्रबंधकों को यह भी निर्देश दिया है कि मुख्यालय से हटाकर 200 अफसरों को फील्ड वर्क में लगाया जाए। उनके इस निर्देश के बाद एनसीआर में अफसरों को फील्ड वर्क में लगाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके अलावा एनसीआर के ए-वन ग्रेड के इलाहाबाद जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, झांसी, आगरा कैंट, ग्वालियर एवं मथुरा जंक्शन स्टेशन पर तेज तर्रार अफसरों की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
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