यूनीफॉर्म वितरण शुरू होते ही होने लगी गड़बड़ी
कुछ खंड शिक्षा अधिकारियों पर विद्यालय प्रबंधन, अध्यापकों से धन मंगाने के आरोप
अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने डीएम को अधिकारियों पर कार्रवाई का दिया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
परिषद विद्यालयों में विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनीफॉर्म वितरण अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हो सका है लेकिन गड़बड़ी की शिकायत आने लगी है। खंड शिक्षा अधिकारियों पर विद्यालय प्रबंध समिति और अध्यापकों से अवैध रूप से धन की मांग करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने डीएम एवं जिला शिक्षा परियोजना समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को यूनीफॉर्म, जूता-मोजा, किताबें नि:शुल्क वितरित करती है। यूनीफॉर्म का वितरण एक जुलाई से शुरू होना था। कुछ जिलों के विद्यालयों को छोड़कर ज्यादातर में अभी विद्यार्थियों की नाप लेने का काम ही पूरा नहीं हो सका है। हालांकि परिषद के अफसरों का दावा है कि अगले 15 दिन में यूनीफॉर्म का वितरण हो जाएगा। शासन ने 11 मई को ही आदेश जारी किया था कि यूनीफॉर्म गुणवक्तायुक्त हो और उसकी खरीद विकेंद्रीकृत एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पूरी की जाए। साथ ही विद्यार्थियों को समय से यूनीफॉर्म वितरण किया जाए लेकिन इस काम में खंड शिक्षा अधिकारियों पर गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं।
अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह ने डीएम को खिले पत्र में कहा है कि विभिन्न जिलों के कुछ खंड शिक्षा अधिकारी नि:शुल्क यूनीफॉर्म की खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी कर रहे हैं। हालांकि पत्र में इन अधिकारियों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है लेकिन माना जा रहा है कि शासन के पास ऐसे अधिकारियों के नाम पहुंच गए हैं। अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि कुछ खंड शिक्षा अधिकारियों के खिलाफविद्यालय प्रबंध समिति और अध्यापकों से अवैध रूप से धन की शिकायत मिल रही है। उन्होंने डीएम को यूनीफॉर्म पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है और इसका अपने स्तर से परीक्षण भी करने को कहा है। निर्देश दिया है कि यदि कोई अधिकारी खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी करने अथवा अवैध धन की मांग करने में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए शासन को अवगत कराया जाए।