इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के संघटक कॉलेजों में पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। शुक्रवार को इविवि की कार्यपरिषद की बैठक में इसके लिए ऑर्डिनेंस में बदलाव का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। यह भी तय हुआ कि पीएचडी प्रवेश में अब लिखित परीक्षा के 70 फीसदी और इंटरव्यू के 30 फीसदी भारांक जोड़े जाएंगे। साथ ही एक बड़ा फैसला छात्रों को लेकर हुआ। इविवि के सभी छात्रों को जीवन बीमा का लाभ मिलेगा। इसके लिए छात्रों को निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।
पिछले कई दिनों से कॉलेजों में पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया चल रही थी। इस संदर्भ में प्रो. जगदंबा सिंह ने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी थी लेकिन इविवि के ऑर्डिनेंस में कॉलेज में पीएचडी प्रवेश का कोई प्रावधान नहीं था। कार्य परिषद में कॉलेजों को पीएचडी प्रदान करने संबंधी ऑर्डिनेंस पटल पर रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इसके साथ ही नए शैक्षिक सत्र से सभी छात्रों को जीवन बीमा से जोड़ने का निर्णय भी लिया गया। पिछले दिनों कुछ छात्रों की अलग-अलग दुर्घटनाओं में मौत हो जाने के कारण यह निर्णय लिया गया। हालांकि इसके लिए छात्रों से 109 रुपये जीवन बीमा शुल्क लिया जाएगा।
उधर, कॉलेजों में पीएचडी को मंजूरी मिलने के बाद एक अहम निर्णय भी हुआ है। पहले पीएचडी प्रवेश में शैक्षिक रिकार्ड, प्रेजेंटेशन एवं इंटरव्यू के अंक जोड़े जाते थे। लिखित परीक्षा को कोई अंक नहीं जुड़ता था। छात्रों की शिकायत थी कि प्रवेश के वक्त उनके साथ भेदभाव किया जाता है। चूंकी नई व्यवस्था में अब नेट और जेआरएफ वालों को भी पीएचडी प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा देनी होगी। ऐसे में निर्णय लिया गया कि अब लिखित परीक्षा के 70 फीसदी और इंटरव्यू के 30 भारांक जोड़े जाएंगे। कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान पिछले सप्ताह राष्ट्रपति की ओर से मनोनीत कार्य परिषद के चार नए सदस्यों का स्वागत भी किया गया।