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63 वर्ष की उम्र में चला रहीं ई-रिक्शा

Mon, 04 Apr 2016 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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वीणापाणि - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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हौसले अगर बुलंद हाें तो बढ़ती उम्र भी कोई मायने नहीं रखती। कुछ ऐसा ही जज्बा देखने को मिल रहा है अलोपीबाग की वीणापाणि में। तकरीबन 63 वर्ष की उम्र में जब लोग रिटायरमेंट के बाद आराम से जिंदगी जीने के सपने देखते हैं, वीणा ई-रिक्शा चलाकर रोजी-रोटी के जुगाड़ में जुटी हैं। ई-रिक्शा चलाते हुए वीणा जब सड़क पर निकलती हैं तो हर कोई उन्हें अचरज भरी निगाहों से तो देखता ही है, साथ ही उनके मजबूत इरादों को सलाम करता है। वीणा के बाल भले ही सफेद और कमर थोड़ी झुक गई हो लेकिन सम्मानपूर्वक जिंदगी जीने की उनकी चाह उन युवाओं के लिए सबक है, जो हर चीज शार्ट कट से हासिल करना चाहते हैं।
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उनकी जिंदगी का सफर भी कम संघर्षपूर्ण नहीं है। शादी के सात वर्षों बाद ही आपसी मतभेदों के चलते वह पति से नाता तोड़ पिता के घर लौट आईं। लंबे समय तक अकेले ही रहीं, बीते दिनों बहन मीनाक्षी ने साथ आकर रहना शुरू किया। शुरुआत में वीणा ने जनगणना विभाग और अपट्रान टीवी फैक्ट्री में सीनियर असिस्टेंट के पदों पर भी काम किया।
वीणा जब वह ई-रिक्शा से निकलती हैं तो हर कोई उन्हें हैरत भरी निगाह से देखता है। कोई उन्हें दादी कोई आंटी तो कोई माताजी कहकर बुलाता है। उनके ई-रिक्शे पर बैठकर महिलाएं काफी खुश होती हैं।  वीणा कहती हैं, जिंदगी में कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। हर क्षण को ट्रेनिंग की तरह देखना चाहिए। मुश्किलों से हार मानना नहीं, उनका सामना करना ही जिंदगी है।
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