सर्किट हाउस में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को प्रयागराज मंडल की पर्यटन योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान मंडल में पर्यटन विभाग की राज्य योजना के तहत संचालित परियोजनाओं में अधिकारियों की लापरवाही और कार्यदायी संस्थाओं की लेटलतीफी सामने आई है।
मंडल के कौशाम्बी, प्रतापगढ़, फतेहपुर और प्रयागराज में स्वीकृत 110 परियोजनाओं में से अब तक मात्र 63 ही पूरी हुई हैं जबकि 45 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। वहीं, दो बड़ी परियोजनाएं अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं। लंबित परियोजनाओं पर मंत्री ने अधिकारियों के साथ कार्यदायी संस्था को भी चेतावनी दी है।
बैठक में बताया गया कि यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 49 परियोजनाएं मिली थीं। इनमें 34 पूरी हो चुकी हैं और 15 पर कार्य जारी है। इनमें से उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को 56 परियोजनाएं सौंपी गई थीं, जिनमें 25 पूरी, 30 प्रगतिशील हैं, जबकि एक परियोजना अभी शुरू नहीं हुई है। कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज उप्र जल निगम को मिली पांच परियोजनाओं में चार पूरी हो चुकी हैं और एक शुरू नहीं हो सकी है।
प्रगतिशील परियोजनाओं में प्रयागराज सबसे आगे है। यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन की पांच और पर्यटन विकास निगम की 12 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। कौशाम्बी में सात, प्रतापगढ़ में 11 और फतेहपुर में 10 परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
तीन जिलों में 25 परियोजनाएं
प्रयागराज : 15 परियोजनाएं
प्रतापगढ़ : छह परियोजनाएं
फतेहपुर : चार परियोजनाएं
कुल लागत : 39.10 करोड़ रुपये
परियोजनाओं को पूरा करने के लिए समय सीमा भी तय
प्रयागराज। बैठक में मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन की सभी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए समय सीमा तय की। एक करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं को नवंबर तक हर हाल में पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को आदेश दिया। इसी प्रकार 1.5 करोड़ रुपये तक की योजनाएं छह माह और दो करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को हर हाल में नौ माह में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए कहा।