prayagraj news : मेडिकल कॉलेज में कोविड वैक्सीन लगवाते डॉ.एसपी सिंह।
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कोरोना टीकाकरण के पहले चरण के दूसरे सत्र में शुक्रवार को सिर्फ 62 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मी टीका लगवाने केंद्रों तक पहुंचे। सुबह गति धीमी रही, लेकिन दोपहर बाद ग्रामीण इलाकों में सूचीबद्ध 75 फीसदी हेल्थ वर्करों की उपस्थिति रही। हालांकि इसकी तुलना में शहरी केंद्रों पर टीका लगवाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या कम रही।
पांच हजार को टीका लगाने का था लक्ष्य, 3121 को मिला सुरक्षा चक्र
स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को जिले के 23 केंदों पर पांच हजार लोगों के टीकाकरण के लिए 50 सत्र आयोजित कराने की व्यवस्था की थी। सुबह 8.30 बजे से टीमें मुस्तैद रहीं। इससे पहले आठ बजे तक केंद्रों पर कोविड वैक्सीन पहुंचा दी गई थीं। नौ बजे से टीकाकरण कराने के लिए लोग पहुंचने लगे। सुबह नौ से पांच बजे तक सभी केंद्रों पर सिर्फ 3121 लोगों ने टीकाकरण कराया। यह लक्ष्य का 62.45 फीसदी रहा।
नोडल अधिकारी, डब्ल्यूएचओ की टीमें लेती रहीं जायजा
कोविड वैक्सीनेशन सेंटरों पर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए नोडल अधिकारी, अधीक्षक, डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ की टीमें भ्रमण करती रहीं। जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी, सीएमओ डॉ. प्रभाकर राय, नोडल अधिकारी कोरोना टीकाकरण डॉ. राहुल सिंह, एसीएमओ डॉ. सत्येद्र राय, संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. एएन मिश्रा के साथ सभी एडीएम, एसडीएम केंद्रों पर कोरोना टीकाकरण अभियान का निरीक्षण करने पहुंचे।
10 लोगों को हुई दिक्कत
शुक्रवार को कोविड टीकाकरण के दौरान एडवर्स इफेक्ट फालोइंग इम्युनाइजेशन (एएफआई) की कुल दस रिपोर्ट मिलीं । सैदाबाद में तीन, हंडिया में एक, फूलपुर में दो, होलागढ़ और मऊआइमा सीएचसी पर एएफआई के एक-एक केस सामने आए। शहर के नाजरेथ अस्पताल में दो लोगों ने घबराहट की शिकायत की थी। डॉक्टरों ने उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा फिर घंटे भर बाद घर भेज दिया। सीएमओ डॉ. प्रभाकर राय के मुताबिक टीके का दुष्प्रभाव कहीं सामने नहीं आया। सभी मामलों में घबराहट ही वजह रही। किसी को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। मौके पर चिकित्सकों की टीम ने गाइड लाइन के मुताबिक हेल्थ वर्करों का उपचार किया। सभी अब ठीक हैं। सीएमओ के मुताबिक टीकाकरण के बाद लिखापढ़ी में सिर्फ फूलपुर की एक महिला आई है, जिसे टीका लगने के बाद हुई घबराहट के कारण संयत होने में कुछ समय लगा। इस दौरान उसका बीपी, पल्स आदि सामान्य रहा। किसी तरह की अन्य दिक्कत नहीं हुई।
पोर्टल ने दिया दगा, ऑफलाइन सूची से किया गया टीकाकरण
शुक्रवार को कोविन पोर्टल कभी चला तो कभी ठप रहा। पोर्टल के दगा देने से टीकाकरण केंद्रों पर टीम सदस्यों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सीएमओ के मुताबिक पोर्टल पर अपलोड सूची को ऑफलाइन उपलब्ध कराया गया। सभी पटलों पर सूची से मिलान कर टीकाकरण कराया गया। रात में सभी विवरण पोर्टल पर अपलोड करने का काम किया जाता रहा।