सांसदों-विधायकों के मुकदमों के
लिए विशेष न्यायालय गठित
- इलाहाबाद में बैठेगी विशेष अदालत, पूरे प्रदेश का होगा क्षेत्राधिकार
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सांसदों और विधायकों के खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमों के शीघ्र निस्तारण हेतु सूबे मेें विशेष न्यायालय का गठन कर दिया गया है। हाईकोर्ट के महानिबंधक ने इस आशय की अधिसूचना मंगलवार को जारी की। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वह प्रदेश भर के सांसदों और विधायकों पर चल रहे आपराधिक मुकदमों की सुनवाई करेंगे। प्रदेश सरकार ने इस आशय का शासनादेश 29 जून 2018 को जारी किया था।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीमकोर्ट ने सभी राज्यों में सांसदों-विधायकों पर चल रहे आपराधिक मुकदमों की शीघ्र सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय गठित किया था। प्रदेश भर में सांसदों विधायकों के सैकड़ों आपराधिक मुकदमे लंबित हैं, जिनका शीघ्र निस्तारण नहीं हो पा रहा था। इसे देखते हुए सुप्रीमकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सभी राज्यों में विशेष न्यायालय गठित कर ऐसे मुकदमों का त्वरित निस्तारण करने का आदेश दिया था।
सीबीआई कोर्ट के न्यायाधीश रह चुके हैं पवन तिवारी
इलाहाबाद। एमपी-एमएलए के मुकदमों हेतु गठित विशेष न्यायालय के न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी इससे पूर्व विशेष न्यायालय सीबीआई गाजियाबाद के जज भी रह चुके हैं। मूल रूप से भदोही निवासी न्यायाधीश तिवारी ने सीबीआई जज के तौर पर निठारी कांड में फांसी की सजा सुनाई थी। वह एनआरएचएम घोटाला, यादव सिंह समेत तमाम महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई कर रहे थे। इलाहाबाद में उनको 23 अप्रैल 2018 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर नियुक्त किया गया था। वह पीसीएस जे 2005 कैडर के अधिकारी हैं।