इंटर में शासकीय, हाईस्कूल में निजी स्कूलों का रिजल्ट बेहतर
0 यूपी बोर्ड टॉपर्स की सूची में निजी कालेजों का कब्जा, शासकीय कालेजों के हाथ खाली
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की ओर से शनिवार को घोषित हाईस्कूल के परिणाम में जहां निजी स्कूलों ने बाजी मारी, वहीं इंटरमीडिएट में शासकीय विद्यालयों ने निजी स्कूलों को 10 फीसदी के अंतर से पीछे छोड़ दिया। यूपी बोर्ड की ओर से जारी हाईस्कूल की मेरिट लिस्ट में शामिल 21 छात्रों में शासकीय विद्यालयों से मात्र एक छात्र को जगह मिली है, जबकि इंटरमीडिएट की मेरिट लिस्ट में शामिल 14 छात्रों की सूची में जीआईसी से एक भी छात्र शामिल नहीं है। प्रदेश और जिले की मेरिट में तो निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों का पूरी तरह से कब्जा है।
हाईस्कूल में निजी स्कूल का रिजल्ट 82.05 फीसदी रहा
0 बोर्ड की ओर से जारी परिणाम में हाईस्कूल का परीक्षाफल 80.07 फीसदी रहा, इसमें निजी स्कूलों का परिणाम 82.05 फीसदी, शासकीय विद्यालयों का परिणाम 78.16 फीसदी, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों का परिणाम 76.20 फीसदी रहा। इस प्रकार निजी स्कूलों का औसत परिणाम शासकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के परिणाम पर भारी रहा। प्रदेश में कुल 19779 निजी विद्यालयों में परीक्षा में शामिल 2819047 परीक्षार्थियों में से 2260923 परीक्षार्थी पास हुए। 4527 सहायता प्राप्त विद्यालयों में परीक्षा में शामिल 807036 परीक्षार्थियों में से 614951 परीक्षार्थी पास हुए, जबकि 2125 शासकीय विद्यालयों में परीक्षा में शामिल 127988 परीक्षार्थियों में 100038 परीक्षार्थी ही परीक्षा पास हुए। हाईस्कूल में 20 फीसदी कम परीक्षाफल वाले स्कूलों में जीआईसी से 50, सहायता प्राप्त विद्यालयों से मात्र पांच और निजी स्कूलों से 84 स्कूल शामिल रहे।
इंटरमीडिएट में निजी स्कूलों पर जीआईसी भारी
0 इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम में निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों की अपेक्षा शासकीय विद्यालय भारी पड़े। इंटर के कुल परीक्षा परिणाम 70.06 फीसदी से अधिक शासकीय स्कूलों का परिणाम 78.45 फीसदी रहा। इस प्रकार जीआईसी रिजल्ट में सबसे आगे रहा। बोर्ड की ओर से जारी परिणाम में सहायता प्राप्त विद्यालयों का परिणाम 71.72 फीसदी रहा तो निजी स्कूलों का परिणाम 68.77 फीसदी रहा। प्रदेश में कुल 645 शासकीय विद्यालयों में परीक्षा में शामिल 76850 परीक्षार्थियों में 60285 पास हुए। सहायता प्राप्त विद्यालयों में परीक्षा में शामिल 731047 परीक्षार्थियों में 524272 परीक्षार्थी पास हुए। वहीं 16722 निजी स्कूलों में परीक्षा में शामिल 1485808 परीक्षार्थियों में 1021755 पास हुए। इंटरमीडिएट में 20 फीसदी से कम परीक्षाफल वाले विद्यालय में सबसे कम 15 शासकीय विद्यालय रहे जबकि 58 सहायता प्राप्त तो 176 निजी विद्यालय शामिल रहे।