फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुबह राहत तो दोपहर बाद बढ़ी रोडवेज यात्रियों की परेशानी

विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह राहत तो दोपहर बाद बढ़ी रोडवेज यात्रियों की परेशानी
विज्ञापन

0 जगह जगह की गई बैरीकेटिंग की वजह से समय से बस स्टेशन नहीं पहुंच पा रही थी बसें
0 झूंसी और नैनी से मिलने वाली बसों के यात्रियों को मेला क्षेत्र से भेज दिया सिविल लाइंस बस स्टेशन
प्रयागराज। कुंभ मेले के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर रोडवेज बसों से सफर करने वाले श्रद्धालुओं को खासी दिक्कत हुई। सिविल लाइंस बस स्टेशन की बात करें तो यहां श्रद्धालुओं की भीड़ के मुकाबले बसें कम पड़ गई। आनन फानन में अस्थायी बस स्टेशनों से सिविल लाइंस बस स्टेशन पर बसें बुलाने की व्यवस्था की गई, लेकिन जगह-जगह पुलिस द्वारा की गई बैरीकेटिंग की वजह से बसें समय से बस स्टेशन नहीं पहुंच पाई। बसों के न आने से यात्री भी भड़क गए। उनकी रोडवेज कर्मियों से झड़प भी हुई।
विज्ञापन

सिविल लाइंस बस स्टेशन पर सुबह के समय बसों का आवागमन सामान्य ही था, लेकिन दस बजे के बाद यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। इस दौरान कानपुर, लखनऊ रूट की बसें जगह जगह की गई बैरीकेटिंग की वजह से जाम में फंस गई। दिन में एक बजे बस स्टेशन में गिनती भर ही बसें रह गई। इसमें भी अधिकांश बसें राजस्थान परिवहन निगम की रहीं जो शाम को रवाना की जानी थी। एकाएक भीड़ का दबाव बढ़ने से रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन, कुंभ मेला प्रभारी डा. हरिशचंद्र यादव आदि अफसर पहुंच गए। इस बीच पूछताछ कार्यालय पर भी यात्रियों की भीड़ गई। बसों के संबंध में मुकम्मल जानकारी न मिलने से वहां यात्री शोर शराबा करने लगे। रोडवेज कर्मियों ने किसी तरह से यात्रियों को समझाबुझाकर शांत किया। यहां जौनपुर से आए हरेंद्र श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें कुंभ मेला में बताया गया कि बस सिविल लाइंस से मिलेगी। यहां पहुंचे तो बताया गया कि बस झूंसी से मिलेगी। इसी तरह बांदा की विद्या शुक्ला ने बताया कि उन्हें मेला क्षेत्र में जानकारी दी गई थी कि बांदा की बस सिविल लाइंस से मिलेगी, लेकिन यहां पहुंचने के बाद मालूम पड़ा कि बस नैनी लेप्रेसी से मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें