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कुंभ मेले में डीडीटी के छिड़काव पर रोक की मांग

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कुंभ मेले में डीडीटी के छिड़काव पर रोक की मांग
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0 हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
प्रयागराज। कुंभ मेले में प्रतिबंधित कीटनाशक डीडीटी के छिड़काव पर रोक लगाने की मांग में दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में मांग की गई है कि दवा का छिड़काव करवा कर लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। मेजा प्रयागराज के सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप कुमार गौतम की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ सुनवाई कर रही है।
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अधिवक्ता केके रॉय और चार्ली प्रकाश का कहना था कि कुंभ मेले में एक लाख किलोग्राम डीडीटी की मांग की गई है। इसका छिड़काव पूरे मेला क्षेत्र में किया जाएगा। डीडीटी एक प्रतिबंधित कीटनाशक है जो भारत सहित दुनिया भर के तमाम देशों में प्रतिबंधित है। यह मनुष्य और वन्य जीवों के लिए खतरनाक है। जमीन पर छिड़काव होने से इसका असर वर्षों तक रहता है। फसलों पर इसका छिड़काव करने की मनाही है। इंसेक्टिसाइट एक्ट 1968 के तहत केंद्र या राज्य सरकार विशेषज्ञों की राय लेकर निर्माता कंपनी हिंदुस्तान इंसेक्टिसाइट लिमिटेड से सीधे खरीद कर सकती है। भारत सरकार ने 1972 में ही इसके उपयोग पर रोक लगा दी थी। याचिका में कहा गया है कि मेले में उपयोग करने से कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को तो नुकसान होगा ही। मेले की समाप्ति के बाद कछार में उगाई गईं सब्जियों के जरिया इसका नुकसान शहरवासियों तक पहुंचेगा। हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार से जवाब मांगा है। याचिका पर 15 मार्च को सुनवाई होगी।
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