इविवि की मंजूरी के बिना कोर्स शुरू करने पर विवाद
ईसीसी में अनियमितताओं की जांच कर रही उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक आज
बिशप ने कमेटी की वैधता पर की आपत्ति, अल्पसंख्यक समुदाय को परेशान करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इविंग क्रिश्चियन कॉलेज (ईसीसी) में वित्तीय अनियमितताओं, कॉलेज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) से अनुमति लिए बगैर कुछ प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए जाने और हॉलैंड हॉल हॉस्टल के मामले जांच की के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी के गठन को लेकर विवाद बढ़ गया है।
इविवि प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया है कि ईसीसी के छात्रावास संचालित ईसीएमआईटी में कुछ प्रोफेशनल कोर्स इविवि के अनुमति के बगैर शुरू कर दिए गए, जो नियम विरुद्ध है। इसके अलावा कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कुछ मामले भी सामने आए हैं और जब विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी ने पत्र भेजकर कॉलेज प्रशासन से जानकारी मांगी तो वहां से जवाब देने में टालमटोल की गई। कुछ सवालों के जवाब अब तक नहीं दिए गए। इसके साथ ही हॉलैंड हॉल हॉस्टल को लेकर भी विवाद लगातार बढ़ रहा है। इन सभी कॉलेजों की जांच के लिए न्यायमूर्ति अरुण टंडन की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। शुक्रवार को इविवि के गेस्ट हाउस में कमेटी की बैठक हैं और इसमें अपना पक्ष रखने के लिए सभी संबंधित लोगों को बुलाया गया है।
उधर, चर्चेज ऑफ नार्थ इंडिया (सीएनआई) की लखनऊ डायोसिस के बिशप डॉ. पीटर बलदेव ने कमेटी के गठन की वैधता पर ही सवाल उठाए हैं। बिशप का दावा है कि कमेटी का गठन इविवि के ऑर्डिनेंस के विपरीत किया गया है। उनका आरोप है कि इविवि के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू अल्पसंख्यक समुदाय को प्रताड़ित कर रहे हैं। उनके इस रवैये से अल्पसंख्यक समुदाय के साथ ईसीसी का स्टाफ और कॉलेज के छात्र भी आहत हैं। इसके अलावा बिशप ने हॉलैंड हॉल हॉस्टल के मामले में आंदोलन कर रहे भाजपा नेता श्याम प्रकाश द्विवेदी के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि श्याम प्रकाश और उनके कुछ साथी अल्पसंख्यक संस्थानों की छवि धूमिल कर रहे हैं।
00
बिशप के आवास का हुआ घेराव
हॉलैंड हॉल छात्रावास में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय हिंदू संगठन ने बृहस्पतिवार को बिशप हाउस का घेराव और तालाबंदी की। साथ ही छात्रों ने पीटर बलदेव, डॉ. एम. मैसी और अशोक मसीह की गिरफ्तारी एवं भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र दुबे सत्या ने कहा कि 48 घंटे के भीतर भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन उग्र होगा। उधर, पीटर बलदेव का कहना है कि घेराव के वक्त वह इलाहाबाद से बाहर थे। उनकी गैरमौजूदगी में घर के बारह पोस्टर लगाए गए, पत्थर चलाए गए। उन्होंने उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घेराव में श्रीकांत पांडेय, चंद्रिका पांडेय, ओम प्रकाश दुबे, कृष्णा यादव, राजीव यादव, जितेश मिश्र, संतोष सिंह, रोहित त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।