पूर्व सांसद उमाकांत की
अपील खारिज, गए जेल
0 धोखाधड़ी कर बैनामा कराने के मामले में हुई सजा बहाल
0 एसीजेएम जौनपुर ने सुनाई थी सात साल की सजा
0 स्पेशलकोर्ट के गठन के बाद पहला बड़ा निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। धोखाधड़ी कर बैनामा कराने के मामले में स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने पूर्व बसपा सांसद उमाकांत यादव को अवर न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ दाखिल अपील खारिज कर दी है। स्पेशल कोर्ट ने सजा की पुष्टि करते हुए इसे बहाल रखने का आदेश दिया। फैसला सुनाने के बाद जज पवन तिवारी ने पूर्व सांसद को तत्काल अभिरक्षा में लेकर जेल भेजने का हुक्म सुनाया। इसके बाद उमाकांत को सजा भुगतने के लिए नैनी जेल भेज दिया गया है। स्पेशल कोर्ट के गठन के चार महीनों में यह पहला बड़ा फैसला है जब किसी पूर्व सांसद को जेल भेजने का आदेश दिया गया।
उमाकांत की अपील का ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी हरिओंकार सिंह, राधा कृष्ण मिश्र, लाल चन्दन और एडीजीसी राजेश गुप्ता ने विरोध किया।
पूर्व सांसद को धोखाधड़ी कर जमीन का बैनामा कराने के आरोप में एसीजेएम प्रथम जौनपुर ने सात फरवरी 2012 को सात साल की सजा सुनाई थी। इस निर्णय पर फौजदारी अपील दाखिल कर चुनौती दी गई। अपील पर निर्णय होने से पूर्व ही स्पेशलकोर्ट एमपीएमएल का गठन हो गया और पत्रावली जौनपुर से स्पेशल कोर्ट भेज दी गई।
क्या था मामला
मामला ग्राम पिलकिछा थाना शाहगंज जौनपुर का है। वादी गीता यादव पत्नी हरिश्चन्द्र ने 1998 में राजाराम पुत्र भगेलू से एक जमीन खरीद कर बैनामा कराया था। अभियोजन का कहना है कि 21 नवंबर 2006 को उमाकांत यादव ने छलकपट कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करके भूमि की मूल मालिक गीता यादव पत्नी हरिश्चन्द की जगह गीता पंडिताइन पत्नी हरिश्चन्द उर्फ राजाराम से अपने हक में बैनामा करा लिया था। वादिनी की शिकायत पर उमाकांत यादव और गीता पंडिताइन के खिलाफ धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गीता पंडिताइन के गैर हाजिर हो जाने पर कोर्ट ने उमाकांत यादव की पत्रावली अलग कर दी।
पूर्व सांसद की ओर से तर्क दिया गया कि अवर न्यायालय का आदेश विधि सम्मत नहीं है। स्पेशल कोर्ट ने अपीलार्थी की अपील पर सुनवाई के बाद अपने निर्णय में कहा है कि अवर न्यायालय का निर्णय विधि, तथ्य एवं प्रक्रिया के अनुकूल है। कोर्ट ने अवर न्यायालय के आदेश की पुष्टि करते हुए अपील खारिज कर दी है।
जेल अस्पताल में उपचार कराने का आदेश
प्रयागराज। पूर्व सांसद उमाकांत के अधिवक्ता डीएस लाल ने कहा कि अभियुक्त शुगर, ब्लड प्रेशर आदि से पीड़ित है, इसलिए उसको जेल अस्पताल में रखने का आदेश दिया जाए। इस पर स्पेशल कोर्ट जज ने नैनी जेल अधीक्षक को निर्देश दिया है कि जेल मैन्युअल के अनुसार बंदी का उपचार कराया जाए।