सीमेंट कारपोरेशन कर्मियों के पेंशन पर जवाब तलब
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास से पूछा है कि उत्तर प्रदेश राज्य सीमेंट कारपोरेशन के कर्मचारियों को पेंशन पाने का अधिकार है या नहीं। जबकि निगम राज्य सरकार द्वारा स्थापित है और कर्मचारियों की नियुक्ति भी राज्य सरकार के द्वारा ही की जाती है। सरकार स्टैंडिंग आर्डर से कर्मचारियों के वेतन आदि तय करती है। इस हिसाब से कर्मचारियों को सिविल सर्विस सेवा नियमावली की धारा 361 के तहत लाभ क्यों नहीं मिलना चाहिए। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को इस मामले में हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
प्रदेश सरकार की विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति कृष्ण सिंह की पीठ ने दिया है। महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह का कहना था कि डाला, चुर्क और चुनार सीमेंट फैक्ट्रियां निगम द्वारा संचालित की जाती थी। बाद में निगम बीमार हो गया और इसे समाप्त कर दिया गया। अब कर्मचारियों को वेतन स्टैंडिंग आर्डर से नहीं मिल रहा है। कंपनी का अपना अस्तित्व है। इसलिए उनको सिविल सर्विस सेवा नियमावली का लाभ नहीं मिल सकता है। याचीगण के अधिवक्ता का कहना था कि नियुक्तियां औद्योगिक विभाग द्वारा की गई हैं इसलिए कर्मचारी नियम 361 का लाभ पाने के हकदार हैं। ब्यूरो