मुक्त विवि में अब नहीं होगा प्रोजेक्ट वर्क का झंझट
एकेडेमिक काउंसिल की बैठक में परियोजन कार्य समाप्त करने का निर्णय
नए सत्र से 18 नए व्यवसायपरक एवं कौशलयुक्त कार्यक्रमों की शुुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने सत्र 2017-18 से स्नातक एवं परास्नातक कार्यक्रमों में परियोजना कार्य (प्रोजेक्ट वर्क) की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। यह निर्णय मंगलवार को आयोजित मुक्त विश्वविद्यालय की एकेडेमिक काउंसिल की बैठक में लिया गया। एकेडेमिक काउंसिल ने प्रोजेक्ट वर्क के स्थान पर सैद्धांतिक प्रश्न पत्र समाहित करने के निर्णय को अपनी स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। विश्वविद्यालय मौखिक परीक्षा को पहले ही समाप्त कर चुका है।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमपी दुबे की अध्यक्षता में हुई एकेडेमिक काउंसिल की 46वीं बैठक में प्रमाणपत्र, डिप्लोमा एवं पीजी डिप्लोमा कार्यक्रमों को प्राथमिक स्तर पर वरीयता प्रदान करते हुए ऑनलाइन करने की संस्तुति की गई। साथ ही कृषि से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को सत्र 2017-18 से पूरी तरह से ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा काउंसिल ने पेपरलेस एवं पर्यावरण संरक्षण की संकल्पना को साकार रूप प्रदान करने और डिजिटिलाइजेशन को विश्वविद्यालय में लागू करने के लिए मुद्रित सूचना विवरणिका के स्थान पर ई-सूचना विवरणिका उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया। इसके अलावा व्यवसायपरक एवं कौशल युक्त कार्यक्रमों के तहत 20 से अधिक नए कार्यक्रमों के सत्र 2017-18 से संचालन की अनुमति भी काउंसिल की बैठक में प्रदान की गई। इनमें मुख्य रूप से बागवानी, ऑरगनिक फर्मिंग, मधुमक्खी पालन, योगा में डिप्लोमा एवं एडवांस डिप्लोमा के कार्यक्रम शामिल हैं।