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Prayagraj News: तीन साल से पानी से घिरे 500 परिवार

Sat, 10 Oct 2026 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
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नगर निगम में शामिल होने के करीब तीन साल बाद भी गंगापार के अमरसापुर वार्ड के रामापुर गांव की तस्वीर नहीं बदल सकी है। अमरसापुर वार्ड के रामापुर/शिवपुर गांव की यादव बस्ती में जलभराव ने करीब 500 परिवारों के ढाई हजार लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बस्ती की ओर जाने वाला खड़ंजा मार्ग दो से तीन फीट तक पानी में डूबा है। घुटने भर पानी से होकर ग्रामीणों को रोजाना आवागमन करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों के मुताबिक, करीब तीन महीने से बस्ती के लोग नारकीय हालात झेल रहे हैं। मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन गांव के हालात देखकर ऐसा लगता है जैसे कुछ घंटे पहले ही मूसलाधार बारिश हुई हो। गांव के पास से रिंग रोड गुजरती है और उसके समीप तालाब भी है।
बारिश शुरू होने के बाद जमा हुआ पानी अब तक निकल नहीं सका है। यादव बस्ती चारों तरफ पानी से घिर गई है। मुख्य खड़ंजा मार्ग पर दो से तीन फीट पानी भरा होने से पैदल निकलना भी मुश्किल है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
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अमरसापुर वार्ड नंबर 11 की पार्षद अनारा देवी के प्रतिनिधि राजकुमार ने बताया कि रामापुर गांव की यादव बस्ती की ओर जाने वाले खड़ंजा मार्ग के निर्माण के लिए निगम में प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अब तक वह पास नहीं हुआ है।

-तीन साल पहले नगर निगम में शामिल किए जाने के बाद विकास की उम्मीद जगी थी, लेकिन जल निकासी जैसी बुनियादी समस्या भी दूर नहीं होने से लग ही नहीं रहा है कि हमलोग शहर का हिस्सा हैं।-जितेंद्र यादव, ग्रामीण

-जब हमारा गांव भी नगर निगम से जुड़ा तो लगा कि अब सबकुछ बदल जाएगा। हम लोगों को शहरी सुविधा मिलेगी लेकिन यहां तो हालात बाद से बदतर होते चले जा रहे हैं।-उत्तम यादव, ग्रामीण

रिंग रोड के निर्माण के बाद जल निकासी पूरी तरह गड़बड़ हो गई है। अगर खड़ंजा मार्ग को फिर से मिट्टी डालकर ऊंचा बना दिया जाए तो हमारी समस्या दूर हो सकती है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।-नितिन यादव, ग्रामीण

तीन महीने से भीषण जलभराव होने से जहां आवागमन ठप है वहीं ठहरे हुए पानी में मच्छर पनपने से संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है। तकरीबन दस बीघा धान की फसल भी पानी के कारण सड़ गई है। -रवि यादव, ग्रामीण


रामापुर बस्ती के आसपास की भूमि काफी नीचे है। पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं है। अगर पानी निकासी का रास्ता बन जाए तो समस्या का समाधान हो जाए।-डीपी सिंह, सफाई इंस्पेक्टर नगर निगम, झूंसी जोन
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