आयोग का दावा-मेरिट पर नहीं पड़ेगा असर
यूपीपीएससी ने दावा किया है कि नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी और इससे मेरिट प्रभावित नहीं होगी। पर्सेंटाइल स्काेर की गणना दशमलव के बाद छह अंकों तक की जा सकेगी। सचिव के अनुसार, वैसे तो कई राज्यों की पीसीएस परीक्षाओं और अन्य परीक्षाओं में इसी फाॅर्मूले के आधार पर मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई गई है और यह फाॅर्मूला पूरी तरह से सही है।
इसके बावजूद आयोग ने अपने स्तर से कई चरणों में विशेषज्ञों से इसकी जांच कराई है। इसके लिए आयोग ने लब्ध प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की एक समिति भी गठित की, जिसकी अनुशंसा पर यह व्यवस्था लागू की गई। मूल्यांकन के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया कंप्यूटर सिस्टम आधारित (सॉफ्टवेयर के माध्यम से) होगी।
पर्सेंटाइल में जारी होंगे प्राप्तांक व कटऑफ
नॉर्मलाइजेशन लागू होने के कारण दोनों ही प्रारंभिक परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियाें के प्राप्तांक व कटऑफ अंक अब पर्सेंटाइल में जारी किए जाएंगे। इससे पूर्व अभ्यर्थियों के प्राप्तांक एवं कटऑफ अंकों में जारी किए जाते थे।
पहली बार दो दिन होंगी दोनों परीक्षाएं
इससे पहले पीसीएस और आरओ/एआरओ परीक्षाएं एक ही दिन में करा ली जाती थीं और परीक्षा के लिए पंजीकृत सभी अभ्यर्थी एक ही शिफ्ट में परीक्षा देते थे। ऐसे में एक समान मूल्यांकन की अलग से कोई जरूरत ही नहीं पड़ती थी। पहली बार परीक्षाएं दो दिन में होंगी, सो आयोग को नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया अपनानी पड़ी।