सोमवार को तेज धूप और उमस भरी गर्मी से राहत के लिए कुछ इस तरह से चेहरे को ढक कर निकालते राहगीर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
सोमवार को यूुं लगा जैसे सूरज संगमनगरी की धरती पर ही उतर आया हो। इस दिन दोपहर में जब आप घर से बाहर निकले तो थे उस वक्त तापमान 46 डिग्री के पार था। पारे का टेम्पर तो हाई था ही नमी भी पीछे नहीं थी। सोमवार को अधिकतम नमी में19 फीसदी तो न्यूनतम नमी में 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई जिसने शरीर से नमक निचोड़ कर रख दिया। बाहर निकलने वाले डिहाइड्रेशन का शिकार रहे। उमस का अहसास लोगों के कपड़े देखकर भी हो रहा था जिन पर पसीने के कारण सफेद धब्बे दिख रहे थे। पारा चढ़ने से आसमान में बादल भी छाए, लेकिन बूंदाबांदी कर निकल गए। यही दिन में भयानक उमस का कारण बना। थोड़ा सावधानी बरतें क्योंकि पारा मई में फिर नया कीर्तिमान बनाने पर उतारू हो है। मौसम विभाग अनुमान के मुताबिक मंगलवार को तापमान में और उछाल आ सकता है। इससे बारिश की संभावना बन गई है।
इस बार अप्रैल से ही पारा नए रिकार्ड बना रहा है। अप्रैल में चार बार ऐसा हुआ जब पारा 45 डिग्री पार चला गया। उसके बाद पारे में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहा। बीच-बीच में आसमान में बादल भी छाए लेकिन बूंदाबांदी करके चले गए। मई के दूसरे सप्ताह में तापमान ने फिर रफ्तार पकड़ी और 14 मई को पारा फिर 45 पार चला गया। 14 मई को पारा 45.3 डिग्री रिकार्ड किया गया था। पारा चढ़ने से शहर में निमभन वायु दाब का केंद्र बना और पश्चिमी हवाओं के चलते बादलों ने बसेरा बना लिया। इससे रविवार के तापमान में करीब दो डिग्री की गिरावट आई। रविवार को पारा 43.5 डिग्री पर रहा लेकिन सोमवार को फिर इसमें चढ़ाव आ गया और यह 3.1 डिग्री बढ़कर 46.6 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक यह औसत से छह डिग्री सेल्सियस अधिक है। इसके पहले 16 मई को पारा 46 पार कब गया था इसका निश्चित वर्ष तो नहीं पता चल पाया लेकिन बताते हैं कि तापमान ने सोमवार को कई सालों का रिकार्ड तोड़ा है। दिन के मुकाबले में रात के पारे में कोई बढ़ोतरी नहीं दर्ज हुई है।
सोमवार को रात का पारा साढ़े 29 डिग्री पर बना रहा। पारा चढ़ने के साथ-साथ रविवार के मुकाबले दिन में नमी भी कम हुई है। रविवार को दिन की नमी 73 फीसदी रिकार्ड की गई थी। सोमवार को उसमें 19 फीसदी की गिरावट आई और यह 54 पर आ गई। रात की नमी में भी गिरावट दर्ज की गई है। रात की नमी एक दिन पहले के 22 से पांच फीसदी घटकर 17 पर आ गई।