एक ही स्तर की दो बड़ी परीक्षाएं साथ में पड़ जाने का खामियाजा एनडीए भर्ती के अभ्यर्थियों को अवसर गवांकर चुकानी पड़ी। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को आयोजित परीक्षा में मात्र 57 फीसदी उपस्थिति रही। इतना ही नहीं परीक्षा टकराने की वजह से यूपीएसईई में भी 10 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
रविवार को एनडीए के अलावा प्रदेश के इंजीनियरिंग कालेजों के बीटेक पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा (यूपीएसईई) भी हुई। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था। ऐसे में अभ्यर्थियों ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा को तरजीह दी। एनडीए के कुल पंजीक़ृत 36638 में से 15544 ने परीक्षा छोड़ दी। यहां एनडीए की परीक्षा के लिए 72 केंद्र बनाए गए थे। कहीं से गड़बड़ी की शिकायत नहीं है।
यूपीएसईई में 90 फीसदी उपस्थिति रही। आईईआरटी के संजय शुक्ला को इलाहाबाद के अलावा प्रतापगढ़, फतेहपुर और कौशाम्बी का नोडल अधिकारी बनाया गया था। इलाहाबाद में पंजीकृत तकरीबन 17 हजार अभ्यर्थियों की 23 केंद्रों पर परीक्षा हुई। प्रतापगढ़ के दो तथा कौशाम्बी और फतेहपुर के एक-एक केंद्र पर कुल 1700 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। संजय शुक्ला ने बताया कि कहीं से गड़बड़ी की शिकायत नहीं है। इनके अलावा एनटीपीसी के तकनीकी पदों पर भर्ती के लिए भी परीक्षा हुई। इसमें भी गड़बड़ी की कोई शिकायत नहीं है।
संघ लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) भर्ती परीक्षा में सामान्य अध्ययन के सवालों ने अभ्यर्थियों को काफी छकाया। कई प्रश्न अभ्यर्थियों को समझ में ही नहीं आए। हालांकि गणित का पेपर अपेक्षाकृत आसान रहा। ज्वाला देवी इंटर कालेज केंद्र से परीक्षा देकर निकले रोहित सिंह, अमृत कुमार ने बताया कि दूसरी पाली में सामान्य अध्ययन के पेपर में अंग्रेजी के प्रश्न भी थे। यह खंड काफी कठिन रहा। सामान्य अध्ययन के अन्य खंड के प्रश्न भी कठिन रहे। अभ्यर्थियों का यह भी कहना था कि गणित के दो प्रश्नों के सही जवाब विकल्प में ही नहीं थे।