कुंभ के लिए अनूठी कला बीथिकाओं की आज सौगात देंगे राज्यपाल
समुद्र मंथन की झांकी में देवताओं-असुरों के साथ मोहिनी की प्रतिमा को मूर्त रूप देने में जुटे कलाकार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। राज्यपाल राम नाईक सोमवार को कुंभ के तहत इलाहाबाद संग्रहालय की कला-संस्कृति पर आधारित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। संग्रहालय सोसाइटी के अध्यक्ष के रूप में राज्यपाल देश की पहली आजाद गैलरी की भी घोषणा कर सकते हैं। संग्रहालय में सात नई कला दीर्घाओं के अलावा राष्ट्रीय अभिलेखागार के सहयोग से कुंभ में लगाई जाने वाली विशेष प्रदर्शनी के लिए समुद्र मंथन की झांकी को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। संग्रहालय की प्रदर्शनी में 1906 के कुंभ के नक्शे और चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे।
इलाहाबाद म्यूजियम सोसाइटी की सोमवार को होने वाली बैठक में राज्यपाल कुंभ की परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसमें 1857 से लेकर 1947 के बीच के क्रांतिकारियों की निशानियों, पत्रों, शस्त्रों व वस्त्रों के संग्रह पर आधारित आजाद गैलरी का भी प्रस्ताव राज्यपाल के समक्ष पेश किया जाएगा। आजाद गैलरी बनाई जा रही है। इसके अलावा चार का दीर्घाओं के आधुनिकीकरण व दो अन्य गैलरी की साज-सज्जा और विस्तार की योजना की प्रगति की वह जानकारी लेंगे। गांधी बीथिका, आजाद बीथिका आधुनिक चित्रकला बीथिका, डेकोरेटिव आर्ट व टेक्सटाइल पर आधारित कला दीर्घाओं को मूर्त रूप दिया जा रहा है। इसके लिए सीपीडब्ल्यूडी की ओर से गैलिरियों के आधुनिकीकरण के लिए ट्रैक लाइटिंग का काम सीपीडब्ल्यूडी की ओर से किया जा रहा है। कुंभ में संग्रहालय की ओर से लगाई जाने वाली विशेष प्रदर्शनी की तैयारियों को भी राज्यपाल देखेंगे। इसके लिए मूर्तिकार डॉ. रामनगीना के निर्देशन में इविवि की बीएफए की छात्रा सुधा, कला शिक्षिका साधना गोस्वामी, सत्यप्रकाश, सुनील कुमार समुद्र मंथन की झांकी के लिए देवताओं और असुरों के अलावा देवासुर संग्राम में अमृतपान कराने वाली मोहिनी रूप में भगवान विष्णु की प्रतिमाओं को गढ़ रहे हैं। देर शाम राज्यपाल के आगमन की तैयारियों को संग्रहालय के प्रभारी निदेशक डॉ. सुनील गुप्ता ने मूर्त रूप दिया।
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चार साल बाद पहली बार संग्रहालय परिसर में प्रवेश करेगी राज्यपाल की फ्लीट
प्रयागराज। सूबे के राज्यपाल राम नाईक की फ्लीट सोमवार को चार वर्ष की अवधि में पहली बार संग्रहालय द्वार से भीतर प्रवेश करेगी। हाईकोर्ट की ओर से संग्रहालय परिसर में राज्यपाल की कार और फ्लीट पर लगी रोक हटने के बाद राज्यपाल की कार सीधे संग्रहालय की पोर्टिको तक जाएगी। इससे पहले फ्लीट बाहर ही खड़ी होती थी और राज्यपाल की पैदल चलकर भीतर जाना पड़ता था। संग्रहालय के अधिवक्ता अरुण कुमार सिंह देशवाल ने बताया कि वर्ष 2014 में कोर्ट ने संग्रहालय परिसर में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब यह प्रतिबंध हटा लिया गया है।