फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पैरामिनिट्री फोर्स 2011भर्ती

विज्ञापन
विज्ञापन
पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती 2011
विज्ञापन

-----------------------
कट ऑफ से अधिक अंक पाने
वालों पर विचार करे एसएससी
हाईकोर्ट ने दो सप्ताह में प्रत्यावेदन और तीन माह में निस्तारण का आदेश दिया
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पैरा मिलिट्री फोर्स 2011 भर्ती में अनियमितताओं को लेकर दाखिल सैकड़ों याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने सोमवार को निर्णय सुना दिया है। कोर्ट ने एसएससी को निर्देश दिया है कि जिन अभ्यर्थियों ने अपनी श्रेणी में कट ऑफ मार्क्स से अधिक अंक प्राप्त किए हैं वह चार सप्ताह में अपना प्रत्यावेदन दें और यदि वह उपयुक्त हैं तो उनको तीन माह में उनकी नियुक्ति पर विचार किया जाए। उपयुक्त पाए गए अभ्यर्थियों को दोबारा मेडिकल कराना होगा।
कोर्ट ने कहा है कि ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने बार कोड, राज्य कोड, बार्डर कोड, नक्सल कोड और टाई कोड आदि में छेड़छाड़ कर नियुक्ति प्राप्त की है, उनको सुनवाई का अवसर देते हुए साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अजीत सिंह और 54 अन्य सहित करीब 500 याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। याचिकाओं पर अधिवक्ता विजय गौतम, भारत सरकार के अपर सॉलिसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश सहित तमाम वकीलों ने पक्ष रखा। कोर्ट ने कहा है कि 28 नवंबर 2011 को जारी कट ऑफ मार्क्स से अधिक अंक पाने मेडिकल जांच में फिट पाए गए अभ्यर्थियों के प्रत्यावेदन पर चार सप्ताह में जांच कर उनके दावे पर निर्णय ले। मगर कोर्ट ने कट ऑफ से कम अंक पाने वालों को कोई राहत नहीं दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पैरामिलिट्री फोर्स सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीटी, असम राइफल्स आदि में हजारों पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया 2011 में शुरू हुई थी। परिणाम घोषित होने के बाद इनमें अनियमितता का आरोप लगा और कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई। कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें