शुआट्सकर्मियों को वेतन देने का आदेश
0 कर्मचारियों की गलत नियुक्ति के आरोप में कमिश्नर ने रोक दिया था वेतन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने नैनी स्थित एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट (शुआट्स) के कर्मचारियों को वेतन देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि किसी मामले में जांच लंबित है तब भी नियमानुसार कार्यवाही करके ही वेतन रोका जा सकता है। बिना किसी आधार के वेतन रोकना अनुचित है। संस्थान ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की।
संस्थान के प्रवक्ता एसबी सिंह के मुताबिक कोर्ट ने इस प्रकरण पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था। सरकार ने जवाब दाखिल कर बताया कि संस्थान में करीब 69 कर्मचारियों की नियमविरुद्ध तरीके से नियुक्ति की शिकायत आई है। इसकी जांच कराई जा रही है। जांच लंबित रहने के कारण वेतन रोकने का आदेश दिया गया। संस्थान का कहना था कि वेतन न मिलने से कर्मचारी और अध्यापक बेहाल हैं। कोर्ट ने कहा यदि नियुक्तियां सही नहीं है तो इसके लिए नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जानी चाहिए और वेतन रोकना है तो वह भी नियमानुसार प्रावधान के तहत होना चाहिए। बिना किसी प्रावधान के वेतन रोकना अनुचित है। बता दें कि कर्मचारियों को लगभग पांच माह से वेतन नहीं मिल रहा है।