विलंब शुल्क जमा करने पर ही दाखिल होगा जीएसटी रिटर्न
0 फॉर्म-3बी के जरिए ब्योरा सबमिट करने के बाद रिटर्न न दाखिल करने वाले व्यापारियों पर लगा विलंब शुल्क
0 जीएसटी पोर्टल पर प्रदर्शित विलंब शुल्क जमा करने के बाद टैक्स में हो जाएगा समायोजित
इलाहाबाद। सितंबर में जीएसटी में फॉर्म-3बी के जरिए रिटर्न न दाखिल कर पाने पर विलंब शुल्क की समस्या से परेशान व्यापारियों को चिंता करने की जरूरत नहीं हैं। ऐसे व्यापारी जीएसटी पोर्टल पर प्रदर्शित हो रहे विलंब शुल्क को जमा करके रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। विलंब शुल्क के रूप में जमा की गई रकम बाद में टैक्स में समायोजित हो जाएगी। इस संबंध में जीएसटी काउंसिल भी स्थिति स्पष्ट कर चुका है।
व्यापारियों को 20 सितंबर तक फॉर्म-3बी के जरिए रिटर्न दाखिल करना था। इसके पहले बड़ी संख्या में व्यापारियों ने फॉर्म-3बी के जरिए कारोबार का ब्योरा जीएसटी पोर्टल पर ऑनलाइन सबमिट कर दिया लेकिन तय तिथि तक रिटर्न नहीं दाखिल कर सके, जिसकी वजह से उन पर विलंब शुल्क लग गया। इसके बाद विभिन्न व्यापारिक संगठनों की ओर से विलंब शुल्क माफ करने की मांग की गई। जीएसटी काउंसिल ने विलंब शुल्क माफ भी कर दिया। इसके बाद जिन व्यापारियों ने पूर्व में फॉर्म-3बी के जरिए कारोबार का ब्योरा ऑनलाइन सबमिट नहीं किया था, उन्हें रिटर्न दाखिल करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई लेकिन जिन्होंने ब्योरा सबमिट करने के बाद रिटर्न नहीं दाखिल किया उनके पोर्टल पर विलंब शुल्क प्रदर्शित हो रहा है और वे अब रिटर्न नहीं दाखिल पा रहे हैं।
द टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर केसरी, महामंत्री विपिन सिंह एवं पूर्व अध्यक्ष विनोद केसरवानी का कहना है कि जीएसटी काउंसिल ने विलंब शुल्क माफ किया तो उन व्यापारियों को भी राहत दी जानी चाहिए, जिनके पोर्टल पर विलंब शुल्क प्रदर्शित हो रहा है। बिना इसके व्यापारी रिटर्न नहीं दाखिल कर पा रहे। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा का कहना है कि जिन व्यापारियों के पोर्टल पर विलंब शुल्क प्रदर्शित हो रहा है, उसे जमा करने के बाद ही रिटर्न दाखिल हो सकेगा। बताया कि इस संबंध में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (वाणिज्य कर) विभाग के अफसरों के वार्ता भी हुई है। अफसरों ने बताया है कि विलंब शुल्क की रकम आगे व्यापारियों के टैक्स मेें समायोजित हो जाएगी।