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फंस सकता है टीजीटी, पीजीटी 2011 का साक्षात्कार, 2016 की परीक्षा

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फंस सकता है टीजीटी, पीजीटी 2011 का साक्षात्कार, 2016 की परीक्षा
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- माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड एवं उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग के स्थान पर 15 अगस्त तक शिक्षा सेवा आयोग के गठन की संभावना
- चयन बोर्ड और चयन आयोग में उच्च पदों पर बैठे अफसरों से इस्तीफा मांगने की चर्चा, नए आयोग के गठन से बढ़ेगा अभ्यर्थियों का इतंजार
विजय सक्सेना
इलाहाबाद। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग में भी अफसरों और कर्मचारियों के माथों पर चिंता की लकीरें हैं, क्योंकि चयन बोर्ड और चयन आयोग में उच्च पद पर बैठे अफसरों से इस्तीफा मांगने की चर्चा जोरों पर हैं। प्रदेश सरकार चयन बोर्ड और शिक्षा सेवा आयोग को भंग करने की योजना पर पहले से काम कर रही है। सूचना यह भी है कि सरकार चयन बोर्ड और चयन आयोग के स्थान पर नए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग के गठन पर 15 अगस्त तक निर्णय ले सकती है। ऐसा हुआ तो टीजीटी, पीजीटी 2011 का साक्षात्कार और 2016 की भर्ती परीक्षा प्रभावित हो सकती है।
सूत्रों की मानें तो माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की बोर्ड बैठक 24 जुलाई को बुलाने के पीछे इसे ही कारण माना जा रहा है। बोर्ड बैठक में तय हुआ था कि वर्ष 2011 टीजीटी, पीजीटी के सभी विषयों का परिणाम जल्द जारी कर दिया जाएगा। हालांकि बोर्ड बैठक के पहले चयन बोर्ड ने 18 जुलाई को टीजीटी विज्ञान एवं पीजीटी जीव विज्ञान, मनोविज्ञान, नागरिक शास्त्र, 19 जुलाई को टीजीटी हिन्दी, पीजीटी कॉमर्स एवं हिन्दी का परिणाम घोषित किया। बोर्ड बैठक में हुए निर्णय के बाद चयन बोर्ड ने बुधवार को टीजीटी संस्कृत एवं पीजीटी इतिहास का परिणाम जारी किया लेकिन दोनों बोर्ड के चेयरमैनों का इस्तीफा मांगें जाने की अटकों के बीच अभ्यर्थियों की चिंता भी बढ़ने लगी है।
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अभ्यर्थियों की चिंता भी जायज है, क्योंकि वर्ष 2011 के टीजीटी, पीजीटी के सभी विषयों के परिणाम जारी होने के बाद साक्षात्कार होने हैं। इसके साथ टीजीटी, पीजीटी 2016 की परीक्षा भी होनी है। इस बीच चयन बोर्ड और चयन आयोग भंग होता है तो अभ्यर्थियों को नौकरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसे में अभ्यर्थी भी अब सरकार के निर्णय का इतंजार कर रहे हैं। हालांकि चयन बोर्ड के अफसर इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
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