कृषि विभाग की भर्ती पर सरकार से जवाब तलब
0 जूनियर इंजीनियर भर्ती में गैर राज्यों की महिलाओं को शामिल नहीं करने के खिलाफ याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
कृषि विभाग में अवर अभियंताओं के 172 पदों पर भर्ती में गैर राज्यों की महिला अभ्यर्थियों को आवेदन की छूट नहीं देने के खिलाफ दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया जारी रहेगी, मगर इसका परिणाम याचिका पर होने वाले निर्णय पर निर्भर करेगा। उत्तराखंड और बिहार सहित कई राज्यों की महिला अभ्यर्थियों वर्षा सैनी व अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एएन त्रिपाठी और एके मिश्र ने पक्ष रखा। याचिका में कहा गया है कि भर्ती के लिए जारी विज्ञापन में यह शर्त है कि 20 प्रतिशत पद महिला अभ्यर्थियों को लिए आरक्षित रखे जाएंगे, मगर इन पर सिर्फ उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली महिलाओं को ही आवेदन करने की छूट होगी। याचीगण ने आवेदन किया था और चयनित भी हो गई, मगर दस्तावेजों के सत्यापन के समय उनको 2007 के शासनादेश का हवाला देकर चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अधिवक्ता केएस कुशवाहा का कहना था कि चयन प्रक्रिया में शामिल होने के बाद चयन की वैधता को चुनौती नहीं दी जा सकती है। याची के अधिवक्ता की दलील है कि कैलाश चंद्र शर्मा केस में सुप्रीमकोर्ट के फैसले के तहत आयोग राज्य के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता है। संविधान के अनुच्छेद 16(3) के तहत संसद ने महिला आरक्षण पर कानून बनाया है। राज्य सरकार या विधायिका को इस पर कानून बनाने का अधिकार नहीं है। पूरी भर्ती में 14 महिलाएं ही चयनित हुई हैं, जिसमें से सिर्फ दो को यूपी का निवासी होने के कारण नियुक्ति दी गई है। महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें महिलाओं से ही भरी जानी चाहिए। इस मामले पर चार सप्ताह के बाद सुनवाई होगी।