दोपहर तक बंद रहा बाजार
0 इलाहाबाद में दिखा बंद का असर, शाम तक खुल गईं दुकानें
0 घंटाघर में गरजे व्यापारी, कोतवाली के सामने फूंका पुतला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। जीएसटी के विरोध में शुक्रवार को इलाहाबाद के प्रमुख बाजार और थोक मंडियां बंद रहीं। इस बंदी के चलते करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। बंदी का आलम यह रहा कि शहर के बड़े मॉल भी दोपहर तक बंद रहे। इस दौरान व्यापारिक संगठनों द्वारा शहर के तमाम चौराहों पर जीएसटी की खामियों के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया। प्रयाग व्यापार मंडल की ओर से चौक घंटाघर में सभा कर जीएसटी की खामियों को गिनाया। इसके बाद व्यापारियों ने जीएसटी की खामियों की शवयात्रा निकाल कर कोतवाली के सामने पुतला दहन कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
खुली रहीं गली मोहल्लों की दुकानें
जीएसटी की खामियों को लेकर प्रयाग व्यापार मंडल ने इलाहाबाद बंद का आह्वान किया था। इसके समर्थन में कई व्यापारिक संगठन साथ में आ गए। शहर के बड़े बाजारों में इसका असर भी देखने को मिला। तमाम दुकानें एवं बड़े शोरूम के शटर दोपहर तक गिरे रहे। हालांकि दोपहर बाद अधिकांश दुकानें खुल गई। बंदी का शहर गली-मोहल्लों की दुकानों पर नहीं दिखा। रामबाग, अल्लापुर, सोहबतियाबाग, बहादुरगंज, कीडगंज, मीरापुर, राजापुर, म्योराबाद, तेलियरगंज, सलोरी, गोविंदपुर, राजरूपुपुर, चकिया, बेनीगंज, साउथ मलाका, आजाद नगर, अटाला, कल्याणी देवी आदि मोहल्लों की तमाम दुकानें खुली रही। उधर जानसेनगंज, कोठापार्चा, कटरा, सिविल लाइंस, चौक, मुट्टीगंज आदि बड़े बाजारों की अधिकांश दुकानें दोपहर तक बंद रहीं। हालांकि इन बाजारों में कुछ दुकानों के आधे शटर खुले हुए थे।
व्यापारी नेताओं ने गिनाई जीएसटी की खामियां
प्रयाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय अरोरा, जिलाध्यक्ष मो. कादिर, महामंत्री सुहैल अहमद आदि के नेतृत्व में व्यापारी सुबह दस बजे से घंटाघर के नीचे बनाए गए मंच स्थल पर इकट्ठा होने शुरू हो गए। यहां हुई जनसभा में व्यापारी नेताओं ने जीएसटी की खामियों पर चर्चा की। यहां विजय अरोरा ने कहा कि केंद्र सरकार व्यापारियों और किसानों को अपना दुश्मन बना रही है। जिलाध्यक्ष मो. कादिर ने कहा कि जीएसटी में एक ट्रेड कम्यूनिटी पर केवल एक दर ही रखने का प्रावधान रखा जाए। व्यापारी नेता अरुण केसरवानी ने मंडी शुल्क को जीएसटी में शामिल करने की मांग की। प्रयाग केमिस्ट फुटकर एसोसिएशन के अध्यक्ष राणा चावला ने कहा कि जीएसटी लगने से व्यापारियों को एक साल में 37 बार रिटर्न देना होगा जो अनुचित है। इस दौरान थोक कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष प्रकाश टंडन, अटाला व्यापार मंडल के अध्यक्ष फैय्याज अहमद, अन्नू दुबे, गुरु चरन अरोरा, श्याम केसरवानी, अनिल कुशवाहा, सोनू गुप्ता, नीरज गुप्ता, लालू मित्तल, निखिल मलंग आदि मौजूद रहे।