इलाहाबाद (ब्यूरो)। जिसकी आशंका थी वही हुआ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को आयोजित डायट प्रवक्ता भर्ती परीक्षा में मात्र 36.16 फीसदी उपस्थिति रही। तकरीबन 90 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इलाहाबाद में तो सिर्फ 27.19 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। कम उपस्थिति का मुख्य वजह बिहार पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा को बताया जा रहा है।
परीक्षा प्रदेश में इलाहाबाद के अलावा आगरा और लखनऊ में 300 केंद्रों पर हुई। रविवार को ही बिहार पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा भी हुई और यहां के बड़ी संख्या में प्रतियोगी इसमें शामिल हुए। इसका नतीजा रहा कि डायट प्रवक्ता भर्ती के लिए पंजीकृत एक लाख 40 हजार 838 में से मात्र 50930 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से इलाहाबाद में 5071 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। उपस्थिति 27.19 प्रतिशत रही। आगरा में 18995 तथा लखनऊ में 26864 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल रहे। प्रतिशत में उपस्थिति क्रमश: 34 तथा 40.18 फीसदी रही। परीक्षा नियंत्रक प्रभुनाथ ने बताया कि परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत नहीं है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा 29 मार्च को होगी। इसके लिए चार लाख 43 हजार 79 आवेदन हुए हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। पीसीएस-2014 के लिए तीन लाख 88 हजार 466 आवेदन हुए थे। इस तरह से इस आवेदकों की संख्या में 54 हजार से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। संख्या की लिहाज से यह आयोग की यह दूसरी सबसे बड़ी परीक्षा है। 25 जनवरी को आयोजित राजस्व निरीक्षक भर्ती परीक्षा के लिए छह लाख से अधिक आवेदन पहुंचे थे। हालांकि परीक्षा में उपस्थिति काफी कम रही। ऐसे में आयोग के समाने परीक्षा कराना बड़ी चुनौती होगी। परीक्षा प्रदेश के 20 जिलों में होगी।