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पुरानी पेंशन बहाली मामला

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पुरानी पेंशन बहाली मामला
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हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को दिया नोटिस
0 पेंशन फंड अधिनियम की संवैधानिकता को दी गई है चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करने को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने एटार्नी जनरल ऑफ इंडिया, केंद्र सरकार और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। तीनों से इस मामले पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। कोर्ट ने पेंशन फंड नियामक विकास प्राधिकरण अधिनियम 2013 को चुनौती देने वाली याचिका पर दोनों सरकारों को अपना पक्ष रखने को कहा है।
राजकीय मुद्रणालय कर्मचारी संघ की याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया है कि नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी योजना बहाल की जाए। नई योजना में कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है। सरकार ने बिना कर्मचारियों की अनुमति पेंशन फंड का पैसा शेयर बाजार में लगा दिया है। यदि शेयर में नुकसान होता है तो इसका सीधा नुकसान कर्मचारी को होगा।
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पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राज्य कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। इसकी वजह से राजकीय मुद्रणालय में हाईकोर्ट की कॉज लिस्ट नहीं छप सकी और न्यायिक प्रक्रिया में व्यवधान पैदा हुआ। इस मामले पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और जनहित याचिका कायम कर ली। कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि अगर नई पेंशन योजना इतनी अच्छी है तो सांसदों और विधायकों पर क्यों नहीं लागू की जा रही है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार को तीन जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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