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नरहीजी इंटर कोलेज में नियुक्तियों की जांच का आदेश

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नरहीजी इंटर कॉलेज में नियुक्तियों की जांच का आदेश
0 दस्तावेजों पर नहीं है अध्यापकों की नियुक्ति का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने नरहीजी इंटर कॉलेज, नरही रसड़ा, बलिया में कार्यरत अध्यापकों की नियुक्ति की जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को निर्देश दिया है कि शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी से इन नियुक्तियों की जांच कराई जाए। इन नियुक्तियों की वैधानिकता के हर पहलू की जांच के बाद प्रमुख सचिव छह सप्ताह के बाद कोर्ट में हलफनामा दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी।
जनार्दन सिंह और आठ अन्य तथा रविशंकर पांडेय की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र ने दिया है। याचीगण का कहना था कि उनकी नियुक्तियां कॉलेज में विभिन्न तिथियों पर हुईं हैं। याची अध्यापकों की ओर से कोर्ट के समक्ष अपनी नियुक्ति संबंधी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। नियुक्तियों की पुष्टि करने संबंधी एकमात्र आदेश 22 जून 10991 को जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया द्वारा पारित आदेश ही रिकार्ड पर था जिस पर खुद याचीगण ने विश्वास करने से इंकार कर दिया।
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कोर्ट ने कहा कि दस्तावेजों से पता चलता है कि याचीगण की नियुक्ति को स्वीकृति देने या वित्तीय स्वीकृति संबंधी कोई आदेश उपलब्ध नहीं है। उल्टे उनके खिलाफ गंभीर आरोप है कि नियुक्तियां फर्जी दस्तावेजों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से प्राप्त की गई हैं। यह बात समझ से परे है कि ऐसी स्थिति में याची अध्यापकों को वेतन का भुगतान कैसे होता रहा। इनकी नियुक्ति में क्या प्रक्रिया अपनाई गई यह भी स्पष्ट नहीं है। कोर्ट ने यह सभी बातें प्रमुख सचिव को अपने हलफनामे में स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
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