नोएडा में सेक्स रैकेट, फर्जी मुठभेड़ रोकने की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। नोएडा में पुलिस की मिलीभगत से सेक्स रैकेट चलाने और फर्जी पुलिस मुठभेड़ में लोगों की हत्या करने का आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने निस्तारित कर दी है। कोर्ट ने याची से कहा कि वह याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर डीजीपी से शिकायत करे और उनसे उचित कार्रवाई की मांग करे। कोर्ट ने डीजीपी को भी याची की शिकायत पर विचार कर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
दिव्यांजलि पांडेय और ललित मोहन की याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सीडी सिंह की पीठ ने सुनवाई की। याचिका में मांग की गई कि एसएसपी अजय पाल शर्मा और इंस्पेक्टर अमरनाथ यादव तथा मनोज पंत का दूसरे स्थान पर तबादला किया जाए। इनकी मिलीभगत से कई गेस्ट हाउस में सेक्स रैकेट चल रहे हैं। रैकेट चलाने वालों से पुलिस की मिली भगत है। इसलिए शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में यह भी मांग की गई कि प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को निर्देश दिया जाए कि वह सेक्स रैकेट और फर्जी एनकाउंटर में हो रही हत्यारों की रोकथाम की मॉनिटरिंग करें।
अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने याचिका का विरोध किया। उनका कहना था कि याची दिव्यांजलि ने दूसरे याची ललित मोहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। ललित जेल में बंद है। अब दोनों के बीच समझौता हो गया है। दिव्यांजलि ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में समझौते का जिक्र किया है। जबकि, याचीगण का कहना था कि पुलिस के खिलाफ शिकायत करने और याचिका दाखिल करने के कारण उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए याचीगण को डीजीपी से अपनी शिकायत करने के लिए कहा है।