मीरगंज। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने क्षेत्रीय विधायक डॉ. डीसी वर्मा के साथ सोमवार को नौ साल से अधूरे पड़े रामगंगा गोरा घाट पुल के निर्माण का हवन-पूजन और खिचड़ी सहभोज कराकर शुभारंभ कराया, लेकिन इस पर पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने यह कहते हुए सवाल उठाए हैं कि गोराघाट पुल उनके प्रयासों और क्षेत्रीय जनता के संघर्ष की वजह से बनने जा रहा है। इस राजनीतिक मोर्चाबंदी के बीच गोराघाट पुल का निर्माण शुरू होने से आंवला और मीरगंज तहसील के ढाई सौ से ज्यादा गांवों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने सोमवार को हवन-पूजन कराकर पुल का निर्माण शुरू कराया। इस मौके पर खिचड़ी सहभोज भी हुआ। हवन-पूजन रामनिवास शर्मा और वीवी दीक्षित ने कराया। यह पुल नौ साल से अधूरा पड़ा था, जिसकी वजह से सैकड़ों गांवों के लोग दिक्कतें झेल रहे थे। केंद्रीय मंत्री के निर्माण शुरू कराने के फौरन बाद पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने दावा किया कि गोरा घाट पुल का निर्माण केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के प्रयासों से नहीं बल्कि उनके मुख्यमंत्री आवास पर बेमियादी धरना-प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ है। पुल निर्माण का पूरा श्रेय क्षेत्रीय जनता के लंबे संघर्ष को भी दिया जाना चाहिए। वह दो साल पहले भी अधूरे पुल के निर्माण की मांग को लेकर गोरा घाट पर धरने पर बैठे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक सुल्तान बेग भी अपने कार्यकाल में इस मुद्दे को विधानसभा में उठाते रहे हैं। अब लोकसभा चुनाव नजदीक आते देख संतोष गंगवार को पुल निर्माण का झूठा श्रेय लेने की जरूरत महसूस हुई है।
संतोष का शाल ओढ़ाकर किया सम्मान
पुल निर्माण संघर्ष समिति के संयोजक बाबूराम तुरैहा की अगुवाई में लोगों ने संतोष गंगवार, विधायक डा. वर्मा, गुलशन आनंद, वीरू गंगवार को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। ब्लॉक प्रमुख राजीव गुप्ता, जिपं सदस्य निरंजन यदुवंशी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सोमपाल शर्मा मंजू कोरी, ग्राम प्रधान अमर सिंह आदि भी मौजूद रहे।
जून 2020 पुल निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक आरके सिंह ने कहा कि 780 किमी लंबे 27 पिलर्स वाले रामगंगा पुल को जून 2020 तक बनवाने की पूरी कोशिश की जाएगी। पीडब्ल्यूडी के एई राजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि भूड़ा बसंतपुर साइड में 2.8 किमी और गोरा साइड में 1.2 किमी की पुल एप्रोच रोड भी निर्धारित समय सीमा में ही बनवाई जाएगी।