इंटरव्यू तो हुआ, पर रिजल्ट का भरोसा नहीं
0 जूनियर असिस्टेंट के परिणाम का लाखों अभ्यर्थियों को इंतजार
0 अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन न होने से प्रतियोगी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन न होने से लाखों प्रतियोगी परेशान हैं। इनका भविष्य अधर में फंसा हुआ है। जूनियर असिस्टेंट के लिए इंटरव्यू दे चुके अभ्यर्थियों को अंतिम परिणाम जारी होने का इंतजार है। प्रतियोगियों में इस बात को लेकर उहापोह है कि आयोग का गठन होने के बाद पहले लंबित परिणाम जारी होंगे या नए सिरे से विज्ञापन जारी कर भर्ती कराई जाएगी। इस बाबत शासन स्तर से भी स्थित स्पष्ट नहीं की गई है।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने पिछली सरकार के कार्यकाल में कई बड़ी भर्ती परीक्षाओं का आयोजन कराया था। जूनियर असिस्टेंट की लिखित परीक्षा और उसके बाद इंटरव्यू कराया जा चुका था जबकि ग्राम पंचायन अधिकारी के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया चल रही थी। इसके अलावा कॉमर्शियल विभाग में भी भर्तियां होनी थीं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भंग कर दिया गया और पूरी भर्ती प्रक्रिया ठप हो गई। नौ माह से अधिक समय बीत चुका है और अधीनस्थ आयोग में अब तक गठन नहीं हुआ है। हालांकि शासन स्तर से संकेत मिल चुके हैं कि आयोग का गठन जनवरी माह में कर दिया जाएगा लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पिछली सरकार में जिन परीक्षाओं का आयोजन या परिणाम लंबित है, उनका क्या होगा।
जूनियर असिस्टेंट की लिखित परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसके बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। अंतिम परिणाम जारी होना था लेकिन इसे रोक दिया गया। परिणाम रोके जाने के बाद सवाल उठने लगे कि इस परीक्षा के तहत अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की जाएगी या नहीं। साथ ही यह सवाल भी उठने लगे कि ग्राम पंचायत अधिकारी पद के लिए शेष रहे गए इंटरव्यू का क्या होगा। ऐसे तमाम सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझा रखा है। प्रतियोगी मोर्चा के अध्यक्ष शेर सिंह का कहना है कि शासन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का तत्काल गठन करे और यह भी स्पष्ट करे कि पुरानी परीक्षाओं के परिणाम कब जारी होंगे और जो इंटरव्यू बाकी रह गए हैं, उन्हें कब पूरा कराया जाएगा ताकि प्रतियोगियों के लिए असमंजस की स्थित खत्म हो सके।