क्लेम बढ़ा तो हजार गुना बढ़ी प्रीमियम की राशि
पिछले साल रबी की फसलों के प्रीमियम में हुई है अप्रत्याशित बढ़ोतरी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम में चौंकाने वाली बढ़ोतरी हुई है। विगत वर्षों की तुलना में पिछले सत्र में फसलों की प्रीमियम राशि हजार गुना तक बढ़ गई जबकि रकबा तकरीबन बराबर है। नतीजा रहा कि बीमा कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों के नुकसान की भरपाई एक झटके में कर ली। विगत तीन वर्षों में प्रीमियम राशि 7047.64 अरब रुपये रही। वहीं क्लेम की राशि 3052.28 अरब रुपये रही। हालांकि, इसमें पिछले साल रबी की फसलों के लिए हुए क्लेम की राशि शामिल नहीं है।
पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो 2016-17 में खरीफ की फसलाें के बीमा के लिए 5.81 करोड़ रुपये प्रीमियम दिया गया था। इसकी तुलना में क्लेम की राशि 27552 करोड़ रुपये से ज्यादा रही। यानी, कंपनी को भारी नुकसान हुआ। इसके विपरीत उसी सत्र में रबी की फसलों के लिए प्रीमियम राशि बढ़कर 70400 करोड़ रुपये हो गई। जबकि, दोनों ही फसलों के लिए बीमित क्षेत्रफल तकरीबन 47 हजार हेक्टेयर ही रहा। इससे पूर्व के वर्षों में भी कंपनी को प्रीमियम से अधिक का भुगतना करना पड़ा है। प्रीमियम राशि में इस बढ़ोतरी के पीछे खरीफ फसल में हुए नुकसान को कारण माना जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी अश्वनी कुमार सिंह का कहना है कि फसली ऋण के प्रति किसान जागरूक हुए हैं और इनकी संख्या बढ़ी है। इसके अलावा नगदी फसलों की प्रीमियम राधि अधिक होती है। प्रीमियम में बढ़ोतरी के कई अन्य कारण भी हैं।
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तीन वर्ष में बढ़ गए छह गुना किसान
0 विगत तीन वर्षों में फसलों की बीमा कराने वाले किसानों की संख्या में तकरीबन छह गुना बढ़ोतरी हुई है। सत्र 2014-15 में खरीफ की फसलों के लिए 11211 तथा रबी के लिए 10743 किसानाें ने बीमा कराया। वहीं 2016-17 में खरीफ की फसलों के लिए बीमा कराने वाले किसानों की संख्या 61330 हो गई। रबी की फसलों के लिए भी 47 हजार किसानों ने बीमा कराया। इस दौरान बीमित रकबा भी 11609.60 से बढ़कर 46859.86 हेक्टेयर हो गई।
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फसल प्रीमियम की राशि क्लेम
(करोड़ में) (करोड़ में)
खरीफ (2014-15) 371.39 417.63
रबी (2014-15) 64.17 576.92
खरीफ (2015-16) 189.84 726.40
रबी (2015-16) 132.95 1248.94
खरीफ (2016-17) 5.81 27552.91
रबी (2016-17) 704000 --